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कटनी जिले में धान खरीदी शुरू होने से पहले ही माफियाओं ने किसानों के नाम से ठगी करने की योजना बना ली है। ये माफिया किसानों से उनकी फसलें कम कीमतों में खरीदते हैं या उनके नाम का KCC कार्ड उपयोग कर सोसाइटी में धान विक्रय का खेल खेलते हैं। इन दलालों ने कई किसानों की KCC अपने पास रखी हुई है और उन्हीं के नाम से सोसाइटी में अपनी धान बेचेंगे और फिर बाद में उनके खातों में जो भुगतान आएगा वो उसे वापस ले लेंगे।
*माफियाओं की गतिविधियां*
– *किसानों की फसलें कम कीमतों में खरीदना*: माफिया किसानों से उनकी फसलें कम कीमतों में खरीदते हैं और फिर उन्हें ऊंची कीमतों पर बेचते हैं।
– *KCC कार्ड का दुरुपयोग*: माफिया किसानों के KCC कार्ड का उपयोग कर सोसाइटी में धान विक्रय का खेल खेलते हैं।
– *उत्तर प्रदेश से धान की तस्करी*: जिले भर में सूत्रों की माने तो उत्तर प्रदेश से भी बड़ी तादाद में धान आकर जमा हो गई है जो धान खरीदी केंद्रों में गलाई जाएगी।
प्रशासन की कार्यवाही
शासन प्रशासन को चाहिए कि धान खरीदी केंद्रों में इन बिचौलियों की जानकारी जुटाए और इन पर कड़ी कार्यवाही करें। जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि किसानों को उनका हक मिल सके। कटनी जिले में धान घोटाले की जांच के लिए नागरिक आपूर्ति निगम ने एक टीम बनाकर जांच करने के निर्देश दिए थे और कई मिलर्स पर केस दर्ज किया गया है ।
*तुरंत जांच की आवश्यकता*
कटनी जिले में धान खरीदी की जांच करना और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करना आवश्यक है। इससे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और किसानों को उनका हक मिलेगा।




