रीठी में महिला सरपंचों के अधिकारों को लेकर “सीईओ” नहीं दिखा रहे उत्सुकता
रीठी जनपद पंचायत सीईओ महोदय की भूमिका पर उठे सवाल

कटनी. रीठी जनपद पंचायत क्षेत्र में महिला सरपंचों के अधिकारों के हनन का मामला सामने आने के बाद भी जनपद के सीईओ साहब इस गंभीर मामले में ध्यानाकर्षण करने की जहमत नहीं उठा रहे है। अभी हाल ही में जिले के अंदर तीन तीन मामले सामने आए है जहां पंचायतों में महिला सरपंच होने के बावजूद उनके पति, ससुर या अन्य नजदीकी रिश्तेदार पंचायत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
*मामले में प्रशासन की उदासीनता*
स्थानीय मीडिया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है, लेकिन प्रशासन और जिम्मेदार संस्थाएं इस पर कोई खास रुचि नहीं दिखा रही हैं। बड़खेड़ा ग्राम पंचायत में निर्वाचित महिला सरपंच के ससुर द्वारा पंचायत प्रतिनिधित्व की जानकारी रीठी जनपद पंचायत सीईओ राजेश नरेंद्र सिंह को फोन में देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। ऐसे में कैसे मिलेगा महिलाओं को न्याय?
*महिला सरपंचों के अधिकारों की अनदेखी*
मध्य प्रदेश शासन ने महिला सरपंचों के कार्यों में परिजनों की दखलंदाजी को रोकने के लिए विधिवत आदेश जारी किया है, लेकिन इसका पालन कटनी में नहीं हो रहा है। पंचायतों में महिला सरपंचों के अधिकारों का हनन हो रहा है और प्रशासन मौन है।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और महिला सरपंचों के अधिकारों की रक्षा कैसे की जाएगी। क्या प्रशासन महिला सरपंचों के अधिकारों को लेकर सजग होगा या फिर मौजूदा स्थितिबनी रहेगी।




