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सही काम करने की हिम्मत: ऑटो चालक अंकित वासनिक की ईमानदारी

ईमानदारी की मिसाल: ऑटो चालक ने लौटाया भूल गया बैग, समाज जीत गया

ऑटो में भूल गया था ‘भरोसा’, ईमानदार युवक ने लौटाया – समाज जीत गया

संवादाता बालकिशन नामदेव की रिपोर्ट 

कटनी। कहते हैं ईमानदारी आज भी ज़िंदा है, बस उसे करने वाले दिल चाहिए। बुधवार की रात रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने यह साबित कर दिया कि अच्छे लोग आज भी हमारे बीच हैं—बस सुर्खियों से दूर!

ऑटो में छूट गया था ‘कीमती नहीं, अमूल्य सामान’

रीठी निवासी आकाश निगम कटनी पहुंचे और जल्दबाजी में अपना काला बैग ऑटो में भूल गए। बैग में सिर्फ़ सामान नहीं… उनकी मेहनत, उनका भरोसा भी था—लैपटॉप, मोबाइल, नगदी और ज़रूरी दस्तावेज।

घर लौटकर दिखा बैग… और जागी इंसानियत

सवारी छोड़कर घर पहुँचे 20 वर्षीय ऑटो चालक अंकित वासनिक की नज़र पीछे पड़ी तो बैग शांत था… पर उनके अंदर की ईमानदारी बोल उठी।

किसी लालच के बिना, वह सीधे पहुंचे रंगनाथ नगर थाना—थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह के पास बैग सौंपकर कहा:

> “साहब, किसी का कीमती सामान होगा, सही हाथों तक पहुँच जाना चाहिए।”

 

रात 11 बजे लौटी मुस्कान

जब बैग के मालिक आकाश निगम थाने पहुँचे और अपना सामान ज्यों का त्यों मिला—तो चेहरे पर ऐसे सुकून का फूल खिला जिसे शब्दों में पिरोना मुश्किल है।

पुलिस भी बनी गवाह, समाज भी

पुलिस की मौजूदगी में बैग खोला गया—एक रुपया, एक पन्ना भी गायब नहीं। पुलिस ने अंकित की ईमानदारी पर गर्व जताते हुए कहा— “ऐसे युवा ही समाज की असली पहचान हैं।”

🌟 नायक वो नहीं जो चकाचौंध में दिखे…नायक वो है—जो अंधेरे में भी सही काम करने की हिम्मत रखता है।

अंकित वासनिक— कटनी की सड़कों पर चलता एक ऑटो चालक नहीं, चलती-फिरती ईमानदारी की मिसाल है।

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