“वेतन घटा, परेशानी बढ़ी: महिला स्वा सहायता समूह की संचालिकाओं की व्यथा”
जिले में राशन दुकान संचालक महिलाओं की व्यथा सुनो सरकार

महिला स्वा सहायता समूह की संचालिकाओं की दुर्दशा: पारिश्रमिक में कटौती से बढ़ी परेशानी
कटनी में शासकीय उचित मूल्य दुकानों की महिला स्वा सहायता समूह की संचालिकाओं को विभाग द्वारा पारिश्रमिक में कटौती के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विगत मई 2025 से उनका पारिश्रमिक 10500 रुपये से घटाकर 8100 रुपये कर दिया गया है, जिससे उनकी माली हालत नाजुक हो गई है।
*पारिश्रमिक घटाने से बढ़ी चिंता*
संचालिकाओं को अपने परिवार के भरण-पोषण की चिंता सता रही है, क्योंकि घटे हुए पारिश्रमिक से उनके लिए अपने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि प्रशासन को उनका वेतन बढ़ाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय उनका वेतन घटा दिया गया है।
*सोशल मीडिया पर उठाए जा रहे सवाल*
अब इस परेशानी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी संचालिकाओं द्वारा अपने उच्च अधिकारियों से इस संबंध में सवाल पूछे जा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तब तक वे अपनी आवाज बुलंद करती रहेंगी और जल्द ही वृहद रूप से इस मामले में आंदोलन भी किया जाएगा। हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं आया है, जिससे संचालिकाओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।




