कटनी में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन: 91 हजार 807 मीट्रिक टन धान खरीदी गई*
कटनी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया जोरों पर

कटनी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया जोरों पर है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 1 दिसंबर से शुरू हुए धान उपार्जन में अब तक 10,200 कृषकों से 91,807 को मीट्रिक टन धान खरीदी गई है। जिले में अब तक 45,969 कृषकों द्वारा स्लॉट की बुकिंग की जा चुकी है और 42,880 मीट्रिक टन के स्वीकृति पत्रक जारी किए गए हैं। कृषकों को अब तक 36.63 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
*तहसीलवार धान उपार्जन*
– *बहोरीबंद तहसील*: 1960 किसानों से 18,435 मीट्रिक टन धान उपार्जित
– *ढ़ीमरखेड़ा तहसील*: 2180 किसानों से 15,796 मीट्रिक टन धान उपार्जित
– *बड़वारा तहसील*: 1644 किसानों से 14,196 मीट्रिक टन धान उपार्जित
– *विजयराघवगढ़ तहसील*: 1171 कृषकों से 10,484 मीट्रिक टन धान उपार्जित
– *रीठी तहसील*: 984 किसानों से 10,001 मीट्रिक टन धान उपार्जित
– *बरही तहसील*: 758 किसानों से 8,151 मीट्रिक टन धान उपार्जित
– *स्लीमनाबाद तहसील*: 751 किसानों से 7,501 मीट्रिक टन धान उपार्जित
– *कटनी ग्रामीण एवं नगर तहसील*: 752 किसानों से 7,244 मीट्रिक टन धान उपार्जित
*कलेक्टर के निर्देश*
कलेक्टर श्री तिवारी ने धान उपार्जन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों को धान उपार्जन केंद्रों में तिरपाल, पन्नी सहित अन्य समस्त आवश्यक इंतजाम पुख्ता रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खरीदी केंद्र प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों के हित से जुड़े मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*धान उपार्जन के लाभ*
सरकारी समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। साथ ही, सरकार की इस पहल से किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी होती है और उन्हें अपनी फसल का सही मूल्य मिलता है।




