नान डीएम की कार्रवाई दिखावटी: व्यापारी बेखौफ, किसान परेशान
अमाड़ी धान खरीदी केंद्र में बड़ा घोटाला: अधिकारियों पर सवाल
*अमाड़ी धान खरीदी केंद्र में उजागर हुआ घोटाला: अधिकारियों की दिखावटी कार्रवाई*
अमाड़ी धान खरीदी केंद्र में नान विभाग के डीएम देवेंद्र तिवारी और अधिकारियों के औचक निरीक्षण में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। बिचौलियों की धान लदी ट्रैक्टरें पकड़ी गईं, लेकिन अधिकारियों की कार्रवाई दिखावटी साबित हुई। न तो किसी व्यापारी की गाड़ी सीज की गई और न ही कोई ठोस कार्यवाही हुई।
*क्या हुआ?*
नान विभाग के डीएम देवेंद्र तिवारी और अधिकारियों ने अमाड़ी धान खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जिसमें बिचौलियों की धान लदी ट्रैक्टरें पकड़ी गईं। अधिकतर ट्रैक्टरों में बिचौलियों की धान लदी पाई गई, लेकिन अधिकारियों ने सिर्फ खानापूर्ति की।
*बिचौलियों की पहचान*
एक बिचौलिए के ट्रेक्टर ड्राइवर ने बताया कि धान मनु नारला की है। लगभग आधा दर्जन से अधिक ट्रेक्टर वाले अपना अपना तौल कांटा लाए थे, जिन्हें भी जब्त करने की कार्यवाही की गई, लेकिन बाद में सब कुछ सामान्य हो गया।
*किसानों की परेशानी*
केंद्र में आए किसानों ने बताया कि यहां दलालों का डेरा लगा रहता है, जिससे वास्त्विक किसान प्रताड़ित हो रहे हैं। व्यापारी दलाल चांदी काट रहे हैं। किसानों से तौलाई, सिलवाई, पल्लेदारी, सर्वेयर, और अंत में पर्ची लेने तक 150 रुपए प्रति क्विंटल का बोझ पड़ता है।
*अधिकारी की चेतावनी*
नान डीएम देवेंद्र तिवारी ने सख्त लहजे में चेताया है कि वास्त्विक किसानों से ही उपज खरीदी जाए, और पंजीयन अगर कोई दूसरा व्यक्ति लाता है तो उससे धान खरीदी न की जाए। लेकिन यह सब दिखावटी साबित हुआ।
*इनाम*
एक किसान को उनके दस्तावेज पूरे दिखाने और केंद्र में साथ लाने पर 500 रुपए इनाम के तौर पर दिए गए, हालांकि किसान ने उनसे पैसे नही लिए।
*क्या है आगे का रास्ता?*
इस बड़े घोटाले की जांच की जाए तो बहुत से अधिकारी कर्मचारियों के चेहरों से से नकाब हट सकता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या अधिकारी अपनी ही कार्रवाई के खिलाफ जांच करेंगे?




