वसीयत मामला: नायब तहसीलदार की संवेदनशीलता ने पीड़ित को दिलाया न्याय का आश्वासन
नाती बनकर लिखवाई जमीन की वसीयत, प्रशासन हरकत में

नायब तहसीलदार की सूझबूझ और संवेदनशीलता ने पीड़ित को दिलाया न्याय का आश्वासन
कटनी. कन्हवारा में फर्जी वसीयत आरोप के मामले में नायब तहसीलदार अवंतिका तिवारी ने बड़ी सूझबूझ और संवेदनशीलता से काम लेते हुए पीड़ित कमलेश कुशवाहा को न्याय का आश्वासन दिया है। पीड़ित ने स्थानीय कैलाश कुशवाहा और ग्राम पंचायत सचिव कमल कुशवाहा पर फर्जी वसीयत करवाने का आरोप लगाया था।

नायब तहसीलदार ने पीड़ित के बयान लिए और उन्हें इच्छा मृत्यु और आंदोलन न करने के लिए मना लिया। उन्होंने पीड़ित को रजिस्टर्ड वसीयत के दस्तावेज सौंपे, जिसमें बताया गया है कि कैलाश कुशवाहा ने वसीयतकर्ता का अपने आप को नाती बताकर फर्जी वसीयत करवाई है। पटवारी की जांच में भी यह साबित हुआ है कि कैलाश कुशवाहा और कमल कुशवाहा का नाम वसीयतकर्ता के सिजरे में नहीं है।

नायब तहसीलदार अवंतिका तिवारी की इस कार्रवाई से जिले में पदस्थ उच्च अधिकारियों की कार्यशैली की एक नई मिसाल कायम हुई है। उनकी सूझबूझ और संवेदनशीलता ने पीड़ित को न्याय की आस जगाई है।

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