दमोह में बैठा गांजा माफिया, कटनी सहित विभिन्न जिलों में तस्करी का नेटवर्क
मध्य प्रदेश में गांजा तस्करी का बड़ा नेटवर्क, ओडिशा से लाकर विभिन्न जिलों में सप्लाई

दमोह में बैठा गांजा माफिया, कटनी सहित विभिन्न जिलों में तस्करी का नेटवर्क
दमोह जिले में एक बड़ा गांजा माफिया सक्रिय है, जो ओडिशा से गांजा लाकर मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता है। इस माफिया का नेटवर्क कटनी, जबलपुर, दमोह, सतना, उमरिया और अन्य पड़ोसी जिलों में फैला हुआ है। दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र देवडोंगरा का साहू स्वयं के घर से गुर्गे द्वारा गांजा तो खुलेआम बिकवाता ही है साथ ही सप्लाई के लिए उड़ीसा से लाए गांजे को प्रदेश के भिन्न भिन्न जिलों में भी भिजवाता है। जानकारी अनुसार माफिया लगभग 80 मोबाइल सिम का इस्तेमाल करता हैं और ग्राहकों से विभिन्न खातों में पेमेंट मंगवाता हैं जो ग्राहकों को घर बैठे 22000 हजार रुपए किलो से 25000 हजार किलो तक गांजा डिलेवरी भिजवाता है।
माफिया का लिंक इतना तगड़ा है कि दशकों से भी ज्यादा समय से इसके द्वारा गांजा तस्करी का खेल खेला जा रहा है परंतु स्थानीय थाना पुलिस से लेकर जिले स्तर पर बैठी जांच एजेंसिया इसकी पहुंच से दूर है।
*गांजा तस्करी का कॉर्पोरेट मॉडल*
मध्य प्रदेश में गांजा तस्करी का एक कॉर्पोरेट मॉडल सामने आया है, जिसमें फाइनेंसर, मैनेजर, स्टोरकीपर और सेल्समैन की भूमिका होती है। फाइनेंसर पूरे कारोबार में पूंजी लगाता है, जबकि मैनेजर, स्टोरकीपर और सेल्समैन को अधिक रुपये दिए जाते हैं ।
*पुलिस की कार्रवाई*
दमोह पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में कई कार्रवाई की हैं, लेकिन अभी तक माफिया के बड़े नेटवर्क का खुलासा नहीं हो पाया है। जब दमोह पुलिस अधीक्षक से इस मामले पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन अटेंड नहीं हो सका ।
क्या आप जानना चाहते हैं कि दमोह पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करेगी, या मध्य प्रदेश में गांजा तस्करी के मामले में क्या कदम उठाए जा रहे हैं?




