पड़ोसी प्रदेश में अवैध विदेशी नागरिकों पर कार्रवाई, एमपी सरकार घुसपैठियों पर कार्यवाही में नगण्य
अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कब कसेगा शिकंजा

कटनी में बांग्लादेशी नागरिकों की जांच की मांग*
कटनी में स्थानीय लोगों ने बांग्लादेशी विदेशी नागरिकों की जांच के लिए मांग शुरू की है। लोगों का आरोप है कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक यहां आकर विभिन्न प्रकार के व्यवसाय में लगे हुए हैं, लेकिन उनकी पहचान और कागजात की जांच नहीं की जा रही है।
*कटनी पुलिस को चाहिए कार्रवाई*
स्थानीय लोगों का कहना है कि कटनी पुलिस को चाहिए कि वे बांग्लादेशी नागरिकों के कागजात लेकर उनके स्थायी पते की भौतिक सत्यापन करके उनकी पहचान करें। इससे अवैध घुसपैठियों को पकड़ने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
*उत्तर प्रदेश में अवैध विदेशी नागरिकों पर शिकंजा*
उत्तर प्रदेश सरकार ने अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन अभियान को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सीमावर्ती जिलों से लेकर बड़े शहरों तक व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना, सामाजिक सामंजस्य बनाए रखना और राज्य के संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करना है
*क्या है प्रशासन की योजना?*
प्रशासन ने अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। जांच पूरी होने तक इन केंद्रों में व्यक्तियों को सुरक्षित रखा जाएगा और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि अवैध विदेशी नागरिकों को पकड़कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
परंतु मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार का ध्यान इस ओर अभी आकर्षित नहीं हुआ जिससे कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की जांच धीमी है जिससे बांग्लादेशी घुसपैठियों को कोई चिंता नहीं है तभी तो यहां से कोई भी विदेशी नागरिकों के पलायन करने की खबरें प्रकाश में नहीं आ रही है जबकि प्रदेश से लेकर जिले तक में इनकी मौजूदगी जाहिर है। तब भी कार्यवाही करने में सरकार नगण्य साबित हो रही है।




