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“शिक्षित युवा करेंगे विवाह समारोह को सादगीपूर्ण बनाने में मदद”*

"सूर्यवंशी समाज ने मृत्युभोज को कहा अलविदा"

*अनुसूचित वर्ग का सूर्यवंशी समाज मृत्युभोज का करेगा त्याग*

 

कटनी गुलमोहर गार्डन में आयोजित बैठक के दौरान अनुसूचित जाति सूर्यवंशी समाज सुधार विकास महासभा ने मृत्युभोज को बंद करने का निर्णय लिया है। समाज के लोगों ने माना कि मृत्युभोज एक कुप्रथा है जिससे आर्थिक बोझ और सामाजिक दिखावा बढ़ता है।

 

*मृत्युभोज के नुकसान*

 

मृत्युभोज के कई नुकसान हैं, जैसे कि:

 

आर्थिक बोझ: मृत्युभोज में भारी मात्रा में पैसा खर्च होता है, जिससे गरीब परिवारों पर कर्ज का बोझ बढ़ता है।

सामाजिक दिखावा: मृत्युभोज अक्सर आडंबर और दिखावे का एक रूप बन जाता है, जो एक नकारात्मक सामाजिक प्रथा है।

मानव ऊर्जा की हानि: कुछ मान्यताओं के अनुसार, मृत्युभोज से मानव ऊर्जा नष्ट होती है।

 

*समाज के फैसले*

 

बैठक में समाज के लोगों ने मृत्युभोज को बंद करने का संकल्प लिया है। इसके अलावा, समाज ने विवाह समारोह में आडंबर और दहेज का भी त्याग करने का निर्णय लिया है। समाज के शिक्षित युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे विवाह समारोह को सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न करा सके ।

 

*अन्य निर्णय*

 

बैठक में जिला स्तरीय संत रविदास जी की जयंती मनाए जाने के संबंध में भी चर्चा हुई। इसके अलावा, प्रत्येक 10 ग्राम पंचायत के बीच में सम्राट अशोक जयंती, महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती और डॉ. बाबा साहब जयंती मनाए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई।

बैठक के दौरान- सोहन लाल चौधरी, अमृत लाल बौद्ध,जय सूर्यवंशी,हरिलाल चौधरी,जे एल सिद्धार्थ, जिया लाल चौधरी, शिवलाल चौधरी अच्छे लाल, हीरा लाल अहिरवार,रजनीश, राजेश जाटव, लखन चौधरी, मथुरा प्रसाद, नारायण, संतोष चौधरी, बिहारी लाल मोहन लाल अर्जुन प्रसाद, सुनील कुठे, सोने लाल, सुभाष,फागु चौधरी,उमेश पासवान,अशोक कुमार रामदास चौधरी, हरकेश चौधरी जिया लाल चौधरी, भागवली चौधरी चन्द्रभान बौद्ध, राजकुमार चौधरी सहित बड़ी संख्या मे लोग मौजूद रहें।

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