कटनी में धान खरीदी: प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी
फर्जी स्लॉट बुकिंग का संगठित खेल: किसानों का शोषण

कटनी में धान खरीदी बनी लूट का अड्डा: किसानों का खुला शोषण*
संवादाता – नरेश आहूजा
कटनी जिले में शासन द्वारा धान खरीदी के लिए लगभग 90 उपार्जन केंद्र निर्धारित किए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हर केंद्र पर किसान शोषण का शिकार हो रहा है। शासन की मंशा जहां किसानों को राहत देने की थी, वहीं व्यवस्था बिचौलियों और व्यापारियों की चांदी करा रही है।
*कथित शोषण की कुछ और भी खामियां:*
– 41 किलो 250 ग्राम की अवैध तौल नियमों की धज्जियां
– प्रति बोरी 5 रुपए अवैध वसूली
– शुरुआती 15 दिन किसानों की एंट्री बंद, व्यापारियों की मौज
– फर्जी स्लॉट बुकिंग का संगठित खेल
– किसानों के नाम पर स्लॉट लेकिन माल व्यापारियों का
– रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक स्लॉट बुकिंग
– ग्रामीण किसान न स्मार्टफोन चला पाते ‘ऑनलाइन’ वालों की चांदी
– स्लॉट के बदले वसूली
*कानूनी विशेषज्ञ की टिप्पणी:*
“यदि निर्धारित मात्रा से अधिक तौल और अवैध वसूली सिद्ध होती है तो यह आवश्यक वस्तु अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं के अंतर्गत गंभीर अपराध है। प्रशासन की निष्क्रियता भी जांच के दायरे में आएगी।”
*किसानों की मांग:*
– सभी उपार्जन केंद्रों की तत्काल जांच
– फर्जी स्लॉट बुकिंग की आईटी ऑडिट
– अतिरिक्त तौल और अवैध वसूली करने वालों पर एफआईआर
– किसानों को वास्तविक समय में पारदर्शी स्लॉट सिस्टम




