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कैमोर में भव्य नगर कीर्तन, शबद-कीर्तन और अटूट लंगर का आयोजन

गुरु गोविंद सिंह जी का संदेश आज भी प्रासंगिक, कैमोर में मनाई गई जयंती

😊 *गुरु गोविंद सिंह जी की 359वीं जयंती कैमोर में धूमधाम से मनाई गई*

 

कैमोर में सिख धर्म के दसवें गुरु, खालसा पंथ के संस्थापक एवं मानवता के महान प्रहरी साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोविंद सिंह जी की 359वीं जयंती के अवसर पर गुरुद्वारा पंजाबी सभा कैमोर में श्रद्धा, सेवा और भाईचारे का अनुपम संगम देखने को मिला।

 

– गुरुद्वारा साहिब में विगत दस दिनों तक श्री अखंड पाठ साहिब की पावन लड़ियाँ रखी गईं।

– 4 जनवरी को अखंड पाठ की समाप्ति के उपरांत भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

– नगर कीर्तन गुरुद्वारा साहिब से प्रारंभ होकर बस स्टैंड होते हुए तिलक चौक पहुँचा, जहाँ जगदीश ग्रोवर के निवास पर श्रद्धा-भाव के साथ समापन हुआ।

– नगर कीर्तन के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर समाज के लोगों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया तथा श्रद्धालुओं के लिए स्वल्पहार व जलपान की व्यवस्था की गई।

– 5 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती श्रद्धा एवं मर्यादा के साथ मनाई गई।

– प्रातः अखंड पाठ साहिब की विधिवत समाप्ति हुई, इसके पश्चात देहरादून से पधारे ज्ञानी श्री जसविंदर सिंह जी द्वारा शबद-कीर्तन प्रस्तुत किया गया।

– शाम को विशेष शबद-कीर्तन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ज्ञानी श्री जसविंदर सिंह जी ने शबद-कीर्तन की प्रस्तुति दी।

– गुरुद्वारा साहिब के प्रधान रमेश चंद ग्रोवर एवं सचिव गुरदीप सिंह बेदी ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना कर समाज को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की शक्ति दी तथा “संत-सिपाही” की अवधारणा से धर्म और राष्ट्र रक्षा का मार्ग प्रशस्त किया। 😊

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