यूजीसी के नए कानून के खिलाफ बरही में जबरदस्त जनआक्रोश
सवर्ण समाज के अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं, करणी सेना

बरही में विशाल वाहन रैली, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
“काला कानून वापस लो” के नारों से दहला बरही: करणी सेना की हुंकार, सैकड़ों वाहनों के साथ सवर्ण समाज सड़कों पर
बरही (कटनी) बालकिशन नामदेव की रिपोर्ट। यूजीसी के प्रस्तावित नए कानून के खिलाफ बरही नगर में गुरुवार को जबरदस्त जनआक्रोश देखने को मिला। श्री राजपूत करणी सेना के नेतृत्व में सवर्ण समाज के सैकड़ों युवाओं और नागरिकों ने विशाल वाहन रैली निकालकर सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया।
दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लंबे काफिले के साथ निकली यह रैली जब नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी तो पूरा बरही “काला कानून वापस लो”, “सवर्ण समाज के अधिकारों का हनन बंद करो” और “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
काले झंडों के साथ सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज

प्रदर्शनकारियों के हाथों में काले झंडे, बैनर और तख्तियां थीं। नगर के मुख्य चौराहों पर रैली के पहुंचते ही माहौल पूरी तरह आंदोलनमय हो गया। जगह-जगह लोगों ने रैली का समर्थन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
रैली में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सैकड़ों वाहनों की कतारों ने बरही की सड़कों को मानो आंदोलन की आवाज में बदल दिया।
करणी सेना की दो टूक: “अधिकारों पर वार बर्दाश्त नहीं”
सभा को संबोधित करते हुए श्री राजपूत करणी सेना के संभाग अध्यक्ष विशाल सिंह ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यूजीसी का यह नया कानून सवर्ण समाज के अधिकारों पर सीधा हमला है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा—
“यदि सरकार ने इस अन्यायपूर्ण कानून को जल्द वापस नहीं लिया तो सवर्ण समाज पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होगा। यह लड़ाई अब आर-पार की होगी।”
मुख्यमंत्री के दौरे पर होगा बड़ा विरोध
आंदोलनकारियों ने ऐलान किया कि यह संघर्ष यहीं नहीं थमेगा। आंदोलन की अगली कड़ी में 14 मार्च को बरही दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री को सवर्ण समाज द्वारा ज्ञापन सौंपा जाएगा।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के सामने इस कानून को निरस्त करने की मांग जोरदार तरीके से रखी जाएगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।




