किसान-केंद्र आमने-सामने: कलेक्टर को ज्ञापन, सुपरवाइजर ने की जांच; बोले- ‘सर्वेयर पर आरोप गलत, गेहूं में मिला 8.64% टूटा दाना’
कटनी CWC में गेहूं रिजेक्ट पर बवाल: किसान ने लगाया वसूली का आरोप, एजेंसी बोली- ‘निराधार’, पंचनामे में 3.45% गंदगी मिली

कटनी में गेहूं खरीदी पर विवाद: किसान ने सर्वेयर पर 700 रु. वसूली का लगाया आरोप, आरबी एसोसिएट ने बताया निराधार; खरीदी केंद्र ने बनाया पंचनामा
*कटनी, 15 मई 2026।* समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर कटनी में नया विवाद सामने आया है। किसानों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा, वहीं खरीदी एजेंसी ने आरोपों को निराधार बताया है।
*क्या है मामला?*
11 मई 2026 को किसान गोपाल, पिता रूपलाल, किसान कोड 222420043123 ने सहकारी विपणन संस्था कटनी CWC में 275 बोरी गेहूं विक्रय हेतु लाया। खरीदी केंद्र पर जांच के दौरान गेहूं अमानक पाया गया।
*किसान का आरोप:*
किसान का आरोप था कि सर्वेयर द्वारा 700 रु. अवैध रूप से मांगे गए। इसे लेकर किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कल कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
*एजेंसी का पक्ष: आरोप निराधार*
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरबी एसोसिएट कंपनी के सुपरवाइजर शिवजी पटेल सेंटर वेयर हाउस कटनी पहुंचे और वस्तुस्थिति की जांच की। जांच के बाद उन्होंने बताया कि _“किसान द्वारा सर्वेयर पर 700 रु. और अन्य पर अवैध रूप से रुपए मांगने के आरोप निराधार हैं।”
*पंचनामा में क्या निकला?*
खरीदी प्रभारी प्रबंधक ने उक्त किसान के गेहूं का पंचनामा बनाया। 11/05/2026 को बने कृषक पंचनामा के अनुसार:
– *विजातीय तत्व:* 2.45% (मानक 0.75%)
– *अन्य खाद्यान्न:* 2.24% (मानक 2%)
– *आंशिक क्षतिग्रस्त/बदरंग दाने:* 3.45% (मानक 4%)
– *सिकुड़े-टूटे दाने:* 8.64% (मानक 6%)
– *नमी:* 11% (मानक 12%)

पंचनामे में उल्लेख है कि _“गेहूं की क्वालिटी की गई। किसान के साथ आए अन्य 4 व्यक्ति आए थे। मात्र और मात्र उनके द्वारा अफवाहों का प्रचार किया जा रहा था।”_
*275 बोरी गेहूं रिजेक्ट*
FAQ मापदंड से अधिक विजातीय तत्व, अन्य खाद्यान्न और सिकुड़े-टूटे दाने पाए जाने पर 275 बोरी गेहूं अमानक घोषित कर रिजेक्ट कर दिया गया। समिति प्रबंधक एवं सर्वेयर के हस्ताक्षर पंचनामे पर हैं।

*किसान को नोट:*
किसान को सलाह दी गई कि गेहूं को ग्रेडर/छनना लगाकर साफ करवाएं। शासन के नियमानुसार सफाई की व्यवस्था केंद्र पर निःशुल्क उपलब्ध है, किसान से कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता।
अस्वीकरण : यह समाचार किसानों के ज्ञापन, खरीदी केंद्र के पंचनामे एवं आरबी एसोसिएट के सुपरवाइजर के बयान पर आधारित है। जांच अभी जारी है। सभी पक्षों का वर्जन शामिल करने का प्रयास किया गया है।




