कटनी को कोयले के काले खेल से मुक्ति दिलाएगा प्रशासन?
शहर से ग्रामीण तक कोयले का अवैध भंडारण और कारोबार
कटनी में कोयले का काला साम्राज्य! गुप्त ठिकानों पर छापेमारी से बच सकते हैं शासन के करोड़ों रुपए
बालकिशन नामदेव संवादाता
कटनी। जिले में अवैध कोयला कारोबार अब एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है, जो खुलेआम और गुप्त ठिकानों से संचालित हो रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध भंडारण और कारोबार किया जा रहा है, जिससे शासन को प्रतिदिन लाखों और सालाना करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, कई गुप्त स्थानों पर भारी मात्रा में कोयले का स्टॉक छिपाकर रखा गया है, जहां से बिना किसी वैध दस्तावेज के इसकी सप्लाई लगातार जारी है। इन ठिकानों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाई जा रही है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर छापेमार कार्रवाई हो सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जीएसटी विभाग द्वारा कई बार कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे लगातार नए-नए ठिकानों से इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों और जागरूक लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन नियमित और सख्त छापेमारी अभियान चलाए, तो न सिर्फ इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सकता है, बल्कि शासन को हो रहे करोड़ों रुपए के नुकसान से भी बचाया जा सकता है।
⚠️ अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इन गुप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करेगा और कटनी को कोयले के इस काले खेल से मुक्ति दिला पाएगा, या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा।




