स्कूल की लूट: फीस न चुकाने पर मार्कशीट रोक दी, शिक्षा के नाम पर व्यापार? अभिभावकों का शोषण
कटनी में शिक्षा का बाजार, स्कूल की मनमानी फीस

कटनी के निजी स्कूल की मनमानी: फीस के लिए छात्रा का रिजल्ट रोका
बिग ब्रेकिंग न्यूज कटनी, कुठला पुरैनी में ए.पी.आर. भोपाल पब्लिक स्कूल ने कक्षा सातवीं की एक छात्रा का वार्षिक परीक्षा परिणाम (मार्कशीट) फीस न चुकाने के कारण रोक दिया। अभिभावक को मजबूरन फीस भरनी पड़ी, जिसके बाद ही मार्कशीट सौंपी गई।

*अभिभावकों का आरोप*
– स्कूल द्वारा बिना सुविधाओं के 4000 रुपये प्रति माह तक ट्यूशन फीस वसूली जा रही है।
– फीस जमा करने में देरी होने पर 200 रुपये तक लेट फीस (विलंब शुल्क) के नाम पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
*क्या कहता है कानून?*
– कोई भी स्कूल फीस न चुकाने के आधार पर छात्र की मार्कशीट या टीसी (Transfer Certificate) नहीं रोक सकता।
– मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम के तहत स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि पर रोक है।
*अभिभावकों की मांग*
– जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लें और स्कूल की मनमानी फीस व मार्कशीट रोकने जैसी अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करें। हालांकि की इस मामले में स्कूल प्रबंधन से रसीद में दिए लेड लाइन फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु उनको फोन नहीं लग सका।
क्या आपको लगता है कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक लगाने के लिए और क्या कदम उठाए जा सकते हैं?




