1000 रु. में इलाज का लाइसेंस? कटनी में BJP सदस्य डॉक्टर पर मेहरबानी के आरोप
'समर्पण निधि' से बचा BJP का झोलाछाप, CMHO की सफाई- 'क्लीनिक बंद था'

कटनी में ‘समर्पण निधि’ बनी झोलाछाप की ढाल: भाजपा सदस्य डॉक्टर पर मेहरबान प्रशासन, विलायत कलां में सील तो कन्हवारा में सिर्फ नोटिस*
*कटनी, 30 MAY 2026*
कटनी जिले में झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य विभाग का दोहरा रवैया सामने आया है। कन्हवारा के कथित झोलाछाप डॉक्टर प्रवीण मित्रा पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है, जबकि बड़वारा तहसील के विलायत कलां में इसी हफ्ते एक झोलाछाप डॉक्टर का क्लीनिक आनन-फानन सील कर दिया गया।
*वजह बनी ‘समर्पण निधि’ की रसीद*

चौंकाने वाली बात ये है कि कन्हवारा के डॉक्टर प्रवीण मित्रा भाजपा के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। उनके पास 1000 रुपये* की *’समर्पण निधि’* की रसीद है जो मंडल अध्यक्ष कटनी के समक्ष जमा की गई है। रसीद क्रमांक *61855* पर नाम Mr. Praveen Mitra, पता कन्हवारा दर्ज है। चर्चा है कि इसी राजनीतिक रसूख के चलते सीएमएचओ से लेकर जिला प्रशासन तक कार्रवाई करने से बच रहा है।

*क्या है पूरा मामला:*
1. *कन्हवारा केस:* स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रवीण मित्रा के क्लीनिक पर छापा तो मारा, लेकिन कार्रवाई को लेकर विरोधाभास सामने आ रहा है।
2. *विलायत कलां केस:* इसके उलट बड़वारा के विलायत कलां में इसी टीम ने एक झोलाछाप डॉक्टर के यहां दबिश देकर *तत्काल क्लीनिक सील कर ताला जड़ दिया*। FIR की तैयारी भी शुरू हो गई।
*सीएमएचओ का बयान:*

इस पूरे मामले में *सीएमएचओ डॉ. राज सिंह* ने सफाई देते हुए कहा कि, _“कन्हवारा स्थित मित्रा क्लीनिक को जांच के दौरान बंद कराया गया था। हमारी टीम ने वहां इलाज संबंधी गतिविधियां रुकवा दी थीं।”_ उन्होंने आगे जोड़ा, _“अगर मेडिकल स्टोर की आड़ में वहां फिर से मरीजों का इलाज किया जा रहा है तो इसकी जांच करवाकर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं माना जाएगा।”_
*सवालों के घेरे में प्रशासन:*
ग्रामीणों का आरोप है कि एक ही जिले में एक जैसी गलती पर दो अलग-अलग पैमाने क्यों? क्या *’1000 रुपये की समर्पण निधि‘* कानून से बड़ी हो गई?
*अधिकारियों से संपर्क की कोशिश:*

इस मामले में पक्ष जानने के लिए *भाजपा मंडल अध्यक्ष ग्रामीण कटनी को कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने फोन अटेंड नहीं किया*। वहीं सीएमएचओ ने बयान में क्लीनिक बंद कराने की बात कही, लेकिन भाजपा से जुड़ाव पर पूछे गए सवाल पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की।
*राजनीतिक रंग:*
विपक्ष ने इसे *’भाजपा का झोलाछाप प्रेम‘* बताते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के लोगों को बचाने के लिए गरीबों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।

*बड़ा सवाल:* क्या वाकई कटनी में इलाज के लिए डिग्री नहीं, *’समर्पण निधि की रसीद’* चाहिए? स्वास्थ्य विभाग की इस *’रसीद वाली कार्रवाई’* से पूरे जिले में हड़कंप है।




