क्राइमटेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़मध्य प्रदेशराजनीति

खाद्य विभाग’ या ‘संरक्षण विभाग’? बारदाना चोरों पर कार्रवाई क्यों नहीं, जनता पूछ रही सवाल

SDM-नायब तहसीलदार की रिपोर्ट भी बेअसर: कटनी खाद्य विभाग के लिए आदेश 'रद्दी का कागज'?

विजयराघवगढ़: एसडीएम की रिपोर्ट के बाद भी ‘खाद्य विभाग’ मौन, क्या दोषियों को मिल रहा है संरक्षण?

 

कटनी (मध्य प्रदेश): प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर जीरो टॉलरेंस की नीति और पारदर्शी गेहूं खरीदी का दावा कर रही है, वहीं कटनी जिले के विजयराघवगढ़ में प्रशासनिक आदेशों को ठेंगे पर रखने का मामला सामने आया है। अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) विजयराघवगढ़ की स्पष्ट जांच रिपोर्ट और दंडात्मक कार्यवाही की अनुशंसा के चार रोज बीत जाने के बाद भी, जिला कलेक्टर खाद्य शाखा ने अब तक दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

क्या है पूरा मामला?

बीते दिनों 16/04/2026 को नायब तहसीलदार विजयराघवगढ़ द्वारा एक गुप्त सूचना के आधार पर कुटरिया निवासी,व्यवसायी शेख सलीम के निजी गोदाम पर छापामार कार्यवाही की गई थी। इस कार्यवाही में सरकारी गेहूं खरीदी के लिए आरक्षित 100000, दस हजार बारदानों का अवैध जखीरा बरामद हुआ था। जांच में पाया गया कि ये बारदाने समिति गेहूं खरीदी केंद्र कांटी के लिए आवंटित थे।

एसडीएम की रिपोर्ट में हुआ ‘सांठगांठ’ का खुलासा

एसडीएम कार्यालय द्वारा कलेक्टर कटनी (खाद्य शाखा) को भेजे गए पत्र (क्रमांक 330/रीडर/2026) में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि:

प्रथम दृष्टया दोष सिद्ध: गेहूं खरीदी केंद्र प्रभारी कांटी अनमोल दुबे और व्यवसायी शेख सलीम ग्राम कुटरिया की मिलीभगत से सरकारी बारदानों का दुरुपयोग किया जाना प्रमाणित हुआ है।

हटाने की अनुशंसा: एसडीएम श्री विवेक गुप्ता ने अनमोल दुबे को तत्काल केंद्र प्रभारी के पद से हटाकर किसी अन्य कर्मचारी को नियुक्त करने का सख्त निर्देश दिया था।

दंडात्मक कार्यवाही: रिपोर्ट में दोनों आरोपियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही (संभावित FIR) सुनिश्चित करने हेतु फाइल जिला खाद्य विभाग को भेजी गई थी।

खाद्य विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल?

हैरानी की बात यह है कि एसडीएम और नायब तहसीलदार जैसे जिम्मेदार अधिकारियों की संयुक्त रिपोर्ट के बावजूद जिला कलेक्टर खाद्य शाखा कार्यालय ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। 15 दिन बाद भी आरोपी अनमोल दुबे उसी पद पर बना हुआ है, जिससे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और भविष्य में बड़ी गड़बड़ी की आशंका बनी हुई है।

गंभीर सवाल:

क्या जिला खाद्य विभाग के लिए एसडीएम की जांच रिपोर्ट की कोई अहमियत नहीं है?

क्या पर्दे के पीछे से दोषियों को विभागीय संरक्षण दिया जा रहा है?

आखिर क्यों अब तक जिला अधिकारी ने इस गंभीर गबन और नियम विरुद्ध कार्य पर चुप्पी साध रखी है?

आगे की चेतावनी

यदि जल्द ही प्रशासन ने इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो यह मामला न केवल जनसुनवाई तक पहुंचेगा, बल्कि सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचाएगा। किसान और स्थानीय नागरिक अब इस सुस्ती के खिलाफ मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट कटनी में ज्ञापन सौंपने की तैयारी भी कर ली है साथ ही हेल्पलाइन और संभागायुक्त (कमिश्नर) तक शिकायत पहुँचाने की तैयारी में हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!