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निडर आवाज’ की चेतावनी को किया अनसुना: मझगवां में फिर भीगा सरकारी धान, आंधी-पानी में बह गई व्यवस्था

किसानों की मेहनत पर फिरा पानी: मझगवां ओपन भंडारण में अव्यवस्था की भेंट चढ़ा धान, कौन जिम्मेदार?

पहले गर्मी, फिर पानी की मार:* मझगवां में खुले में पड़ा ‘सरकारी सोना’ बना कचरा, RB एसोसिएट बेखबर

 

*कटनी।* मझगवां ओपन धान भंडारण केंद्र में अव्यवस्था का खामियाजा एक बार फिर सरकारी धान को भुगतना पड़ा है। _’निडर आवाज’_ खबर द्वारा प्रशासन को पूर्व में चेताने के बावजूद आज आंधी-पानी से सैकड़ों क्विंटल धान भीगकर बर्बाद हो गया।

 

*मौसम ने बदली करवट, खुला पड़ा था ‘सरकारी सोना’*  

उल्लेखनीय है कि आज दोपहर तक जिले में तीव्र गर्मी का प्रकोप था। इसके बाद मौसम ने अचानक करवट ली, बादल छाए और तेज आंधी के साथ बरसात शुरू हो गई। मझगवां ओपन भंडारण केंद्र में खुले में पड़ा धान का स्टॉक ढकने के इंतजाम नहीं थे। नतीजतन, सैकड़ों क्विंटल धान पानी की भेंट चढ़ गया।

 

*पहले भी सड़ा था धान, RB एसोसिएट पर नहीं हुई कार्रवाई*  

गौरतलब है कि मझगवां ओपन कैप में RB एसोसिएट की लापरवाही से पहले भी धान सड़ चुका है। अनुबंध के मुताबिक स्टॉक की 100% सुरक्षा की जिम्मेदारी एजेंसी की है। इसके बावजूद न धान को ढका गया, न वैज्ञानिक तरीके से रखा गया। पिछली बार की घटना पर न ‘इकोनॉमिक कॉस्ट’ वसूली गई, न FIR हुई, न कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया।

 

*प्रशासन की चुप्पी, किसानों में आक्रोश*  

बार-बार चेतावनी और खबरें छपने के बाद भी मझगवां में सुव्यवस्था नहीं की गई। DSO सज्जन सिंह परिहार और DMO श्री तिवारी पहले भी फोन नहीं उठा रहे थे। RB एसोसिएट और कैंप मैनेजर पर प्रशासन की मेहरबानी और लापरवाही से किसानों में भारी आक्रोश है। किसान पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक सरकारी अनाज यूं ही बर्बाद होता रहेगा और दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

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