‘मजदूर दिवस’ पर महिला मजदूर की चीत्कार: ठेकेदार मनोज साहू की लापरवाही से कटेंगे अंजू के दोनों पैर, MLC दबाने को निजी अस्पताल में कराया ‘ भर्ती ‘
राहुल बाग में 'खूनी निर्माण': टूटी टाइल्स बनीं जानलेवा, ठेकेदार-मकान मालिक फरार, मजदूर महिला मौत से जंग लड़ रही

श्रमिक दिवस पर ‘मजदूर हुई मजबूर’: ठेकेदार मनोज साहू की लापरवाही से महिला के कटेंगे दोनों पैर, MLC से बचने को निजी अस्पताल में कराया भर्ती
*कटनी* श्रमिक दिवस पर मजदूरों के हक की बातें तो खूब हुईं, लेकिन कन्हवारा की एक महिला मजदूर की सुनने वाला कोई नहीं। छः घरा, कन्हवारा निवासी अंजू रजक (30) की जिंदगी ठेकेदार मनोज साहू और मकान मालिक की लापरवाही ने बर्बाद कर दी। अब डॉक्टर कह रहे हैं- दोनों पैर काटने पड़ेंगे।
दीवार गिरने से घुसी टाइल्स, पैर हुए लहूलुहान*

बीते रविवार को ठेकेदार मनोज साहू अंजू रजक को राहुल बाग, बीकानेर मिष्ठान के पीछे एक निजी मकान निर्माण में मजदूरी के लिए ले गया था। काम के दौरान पुरानी दीवार तोड़ते समय दीवार अचानक जमीन पर गिर गई। जिससे फर्श पर लगी टाइल्स टूटकर उसके दोनों पैरों में घुस गईं। पैर बुरी तरह जख्मी हो गए।
*MLC से बचने को सरकारी की जगह निजी अस्पताल में भर्ती*

हादसे के बाद ठेकेदार मनोज साहू और मकान निर्माण करवाने वाले ने घायल अंजू को सरकारी अस्पताल ले जाने की बजाय गर्ग चौराहा स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। आरोप है कि MLC न हो और पोल न खुले, इसलिए जानबूझकर ऐसा किया गया। हालत बिगड़ने पर अंजू को जबलपुर रेफर कर दिया गया।
*’पैर काटने पड़ेंगे, नागपुर ले जाना होगा’*

पति राजू रजक ने बताया कि जबलपुर में पैसे खत्म होने पर छुट्टी करवानी पड़ी। डॉक्टरों ने कहा है कि बड़ा ऑपरेशन होगा, दोनों पैर काटने पड़ेंगे। इसके लिए नागपुर ले जाना होगा। राजू ने रोते हुए बताया- “पहले ठेकेदार मनोज साहू ने 4 दिन बरगलाया, अब फोन बंद कर लिया। पत्नी की पायल बेचकर जबलपुर मेट्रो हॉस्पिटल ले जा रहा हूं।”
ठेकेदार ने फोन किया स्विच ऑफ, मकान मालिक मौन*
राजू रजक का आरोप है कि हादसे के बाद ठेकेदार मनोज साहू ने मदद तो दूर, फोन उठाना भी बंद कर दिया। वहीं मकान निर्माण करवाने वाले ने भी कोई सुध नहीं ली। श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाकर बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करवाया गया।
*सवालों के घेरे में ठेकेदार और मकान मालिक*
1. हादसे के बाद MLC क्यों नहीं कराई गई?
2. बिना सुरक्षा इंतजाम के महिला से खतरनाक काम क्यों कराया गया?
3. घायल मजदूर को इलाज के लिए भटकना क्यों पड़ रहा है?
4. श्रम विभाग और प्रशासन कब लेगा संज्ञान?
श्रमिक दिवस पर महिला मजदूर के दोनों पैर दांव पर हैं, लेकिन ठेकेदार मनोज साहू और मकान मालिक गायब हैं। अब देखना है कि प्रशासन इन पर कार्रवाई करता है या गरीब की चीख दबा दी जाएगी।




