रंगे हाथों पकड़ा गया बंगाली डॉक्टर: मित्रा फार्मेसी सीज, पहले भी हो चुका था क्लीनिक बंद
निडर आवाज की खबर का असर, प्रवीण मित्रा पर अब होगी FIR? सीएमएचओ से सवाल

निडर आवाज की खबर का असर: फर्जी डॉक्टर दोबारा धरा गया, क्लीनिक सीज फिर भी मरीज देख रहा था: सीएमएचओ की छापेमारी
*कटनी/कन्हवारा।* कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर जिले में फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अभियान तेज है। सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में बुधवार को औषधि विभाग की टीम ने कन्हवारा स्थित मित्रा फार्मेसी पर औचक छापा मारा और तथाकथित “बंगाली डॉक्टर” प्रवीण मित्रा को मरीजों का इलाज करते *रंगे हाथों* पकड़ लिया।
*पहले भी सीज हो चुका है क्लीनिक*
चौंकाने वाली बात यह है कि इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग की टीम छापामार कार्रवाई कर प्रवीण मित्रा का क्लीनिक सीज कर चुकी है। लेकिन सीज के बाद भी वह बाज नहीं आया और मेडिकल स्टोर की आड़ में चोरी-छिपे मरीज देखने लगा।

निडर आवाज न्यूज लगातार मित्रा फार्मेसी द्वारा मेडिकल स्टोर की आड़ में इलाज किए जाने की खबरें प्रकाशित कर रहा था। विभाग ने हमारी खबरों का संज्ञान लेकर यह कार्रवाई की।
*अब FIR दर्ज होगी क्या? बड़ा सवाल*
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सीएमएचओ साहब इस पूरे मामले में तथाकथित डॉक्टर प्रवीण मित्रा पर धारा 420, 304 और मध्य प्रदेश नर्सिंग होम एक्ट के तहत FIR दर्ज करवाएंगे? सीज के बाद भी दोबारा अवैध इलाज करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

*मौके पर ताला, नोटिस जारी*
टीम ने मौके पर ही मित्रा फार्मेसी को बंद करा दिया और संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निरीक्षण दल में ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन, डीएचओ डॉ. समीर सिंघई और नर्सिंग होम इंचार्ज नितिन तपा शामिल रहे।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मानते हैं कि बिना डिग्री के इलाज करना और सीज के बाद दोबारा वही काम करना सीधे-सीधे कानून का उल्लंघन है। अब देखना होगा कि विभाग इस पर कितनी सख्त कानूनी कार्रवाई करता है।




