“काम बोलता है तो ट्रांसफर खलता है: कन्हवारा के पटवारी रामगोपाल यादव के तबादले का विरोध”
वरिष्ठ भाजपा नेता महेश दत्त चौबे ने भी जताई नाराजगी, कहा - क्षेत्र की जनता के साथ छलावा

पटवारी रामगोपाल यादव के तबादले से कन्हवारा में मायूसी, ग्रामीण बोले – “आशियाने बचा गए, अब कौन बचाएगा?”
*कटनी/कन्हवारा।* राजस्व विभाग के आदेश से पटवारी रामगोपाल यादव के ट्रांसफर की खबर सुनते ही कन्हवारा और छःघरा गांव में मायूसी छा गई। ग्रामीणों का कहना है कि उनके कार्यकाल में ही लोगों के आशियाने बचे हैं, अन्यथा अब तक उजड़ गए होते।
गांव वालों ने साफ शब्दों में कहा कि “ऐसे पटवारी को यहां से अन्यत्र स्थानांतरित करना कन्हवारा की जनता के साथ छलावा है।” क्षेत्र में रामगोपाल यादव की सक्रियता और फील्ड में मौजूदगी के कारण लोगों को राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण में कभी परेशानी नहीं हुई।
वरिष्ठ भाजपा नेता महेश दत्त चौबे ने भी ट्रांसफर पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि “पटवारी रामगोपाल यादव क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहते हैं। सीमांकन, बंटवारा, फौती, नामांतरण जैसे काम वो जमीन पर उतरकर करते हैं। उनके जाने से आमजन को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे।”
छःघरा गांव के निवासियों ने बताया कि “उनके कार्यकाल में ही हम लोगों के आशियाने बचे हुए हैं। पटवारी जी ने बिना रिश्वत, बिना टालमटोल के काम किया। अब उनके जाने के बाद कौन हमारी सुनेगा?” ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से तबादला निरस्त करने की मांग की है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पारदर्शी और संवेदनशील अधिकारियों की क्षेत्र को जरूरत है। रामगोपाल यादव जैसे कर्मठ पटवारी का तबादला प्रशासनिक नुकसान है।
*रिपोर्ट: निडर आवाज महेंद्र सोनी कटनी*




