जनसेवा का उदाहरण! जिला पंचायत उपाध्यक्ष की त्वरित पहल – मझगवां फाटक में नया बोर, अब नहीं भटकना पड़ेगा पानी के लिए
वर्षों की प्यास बुझी! अशोक विश्वकर्मा ने मझगवां फाटक आदिवासी मोहल्ले में कराया बोर खन, ग्रामीणों ने जताया आभार

मझगवां फाटक का पेयजल संकट हुआ खत्म! जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा की पहल से आदिवासी मोहल्ले में लगा नया बोर, 25 परिवारों को मिली राहत
*कटनी।* ग्राम पंचायत मझगवां फाटक के आदिवासी मोहल्ले में वर्षों से चले आ रहे पेयजल संकट का अब स्थायी समाधान हो गया है। यहां रहने वाले लगभग 20-25 परिवारों को अब स्वच्छ पेयजल के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा।

*कैसे मिली राहत:*
लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों की पीड़ा को जिला पंचायत उपाध्यक्ष *अशोक विश्वकर्मा* ने गंभीरता से लिया। लगभग एक माह पूर्व क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति देख उन्होंने अपने प्रतिनिधि को मौके पर भेजा। ग्रामीणों से चर्चा कर समस्या की पूरी जानकारी ली।
इसे सिर्फ शिकायत न मानकर जनसेवा का दायित्व समझते हुए श्री विश्वकर्मा ने तुरंत संबंधित विभागीय अधिकारियों से समन्वय किया। उनके सतत प्रयासों से नए बोर की स्वीकृति मिली, स्थल निरीक्षण हुआ और बोर खन का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कराया गया।

*ग्रामीणों की जुबान पर आभार:*
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर श्री विश्वकर्मा ने इसे प्राथमिकता न दी होती तो आज भी उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ता। उनके प्रयासों से दर्जनों परिवारों को दैनिक जीवन की सबसे बड़ी समस्या से मुक्ति मिली है।
ग्रामीणों ने श्री विश्वकर्मा के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे बिना भेदभाव जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हैं। उनकी सक्रियता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता ही उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय जनप्रतिनिधि बनाती है। मझगवां फाटक के समस्त ग्रामवासियों ने इस कार्य के लिए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।
रिपोर्ट: निडर आवाज, कटनी, दिनांक: 08 जून 2026




