गरीबों के हक पर डाका: विजयराघवगढ़ में राशन घोटाला
भाजपा नेता के नाम की धौंस, शिकायत दबाने का आरोप

बालकिशन नामदेव की रिपोर्ट
विजयराघवगढ़ में राशन घोटाले का मामला सामने आया है, जहां जय माता दी सहकारी समिति द्वारा संचालित शासकीय राशन दुकान पर गरीब हितग्राहियों के हिस्से का अनाज हजम करने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के बाद मामले को दबाने के लिए भाजपा नेता जितेन्द्र लोरियाँ के नाम का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया गया है।
दिसंबर माह में उक्त राशन दुकान को जिले से लगभग 30 क्विंटल चावल, 22 किलो शक्कर और 41.36 क्विंटल गेहूं प्राप्त हुआ था, लेकिन वास्तविक वितरण की स्थिति चौंकाने वाली है। लगभग 6 क्विंटल चावल, 1 किलो शक्कर और 8 क्विंटल गेहूं वितरित हुआ, जबकि स्टॉक में भारी कमी पाई गई है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शिकायत के बाद कुलदीप तिवारी नामक व्यक्ति स्वयं को प्रबंधक बताते हुए सुधार की बात करते दिखे, लेकिन जानकारी के अनुसार यह बात सामने आ रही है कि इस दुकान का संचालन एक महिला द्वारा किया जाता है। कुलदीप तिवारी सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था को चुना लगाने का कार्य कर रहा है और राजनीतिक नामों की धौंस भी दे रहा है।
इस मामले में जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच, स्टॉक रजिस्टर और वितरण सूची का भौतिक सत्यापन तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। सवाल यह है कि जब गरीब के हिस्से का अनाज ही सुरक्षित नहीं है, तो योजना का लाभ आखिर किसे मिल रहा है?




