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आयुष्मान योजना का लाभ केवल भर्ती मरीजों को, ओपीडी स्तर पर इलाज नहीं

गरीब मरीजों का बोझ, एमजीएम अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में जांच का खर्च खुद उठाना पड़ रहा है

*आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए मरीजों को जांच का खर्च खुद उठाना पड़ रहा है*

 

कटनी में आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए मरीजों को जांच का खर्च खुद उठाना पड़ रहा है। योजना में शामिल होने से पहले मरीज को बीमारी की पहचान करना जरूरी है, जिसके लिए उन्हें निजी अस्पतालों में जांच करानी पड़ती है। इस जांच का खर्च मरीज की जेब पर भारी पड़ रहा है, जो कि 5 से 6 हजार रुपए तक हो सकता है।

 

एमजीएम अस्पताल से हार्निया का ऑपरेशन कराने वाले कन्हवारा निवासी सुखचैन लोधी ने बताया कि बीमारी की पहचान करना ही जटिल काम है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों के भरोसे पर रहने वाले मरीजों की जांच में ही महीनों गुजर जाते हैं, इसलिए मरीज विवश हैं और जांच का खर्च खुद उठाना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना का लाभ केवल भर्ती होने वाले मरीजों को ही मिल पाएगा, जबकि ओपीडी स्तर पर इलाज की सुविधा नहीं है। इससे गरीब मरीजों का एमजीएम अस्पताल सहित अन्य निजी अस्पतालों में उपचार कराने का बोझ गरीबों पर पड़ता है।

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