कन्हवारा मेले की व्यवस्था सुधारने की मांग, ग्रामीणों का आक्रोश
कन्हवारा मेले में बुनियादी सुविधाओं की रहती है कमी, प्रशासन केवल वसूली में रहता है मगन

कन्हवारा मेले में अव्यवस्था का मामला, पंचायत प्रशासन रहता है वसूली में मगन,
कल होने वाली मेला “बोली” में पारदर्शिता का संदेह? ग्रामीणों की मांग..जनप्रतिनिधि, उच्च अधिकारी जन उपस्थित रहकर कराए बोली प्रक्रिया संपन्न
कटनी/कन्हवारा मेले की तैयारियां अभी भी अधूरी हैं, जबकि मेला आगामी 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि से शुरू होने वाला है। पंचायत प्रशासन की उदासीनता के कारण मेले में आने वाले दुकानदारों और व्यक्तियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।
मेले में स्वच्छता, सुरक्षा, और पेयजल जैसी सुविधाएं नहीं हैं, जो कि एक बड़ी चिंता का विषय है। पंचायत प्रशासन को मेले की व्यवस्था सुचारू करने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन मेले की व्यवस्था में पूरी तरह से विफल रहा है। मेले में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा, मेले में आने वाले लोगों के लिए कोई भी सुरक्षा व्यवस्था हेतु चौकी नहीं रहती जो कि एक बड़ा खतरा है।
ग्रामीणों की मांग है कि जिला पंचायत सीईओ इस मामले में संज्ञान लें और मेले की व्यवस्था सुचारू करने के लिए निरीक्षण करें। इसके अलावा, वसूली की रकम का भी बेजा इस्तेमाल रोकने के लिए उपाय किए जाने चाहिए। चूंकि कल मेला साइकिल स्टैंड सहित बिजली ठेका की बोली भी लगनी है जिसमें ग्रामीणों ने शंका जाहिर की है और इस बोली प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ वीडियो ग्राफी कर सम्पन्न कराने मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्या इस बार भी पूर्ववत समस्याएं मेले प्रांगण में रहेंगी या कुछ उपाय किए जाएंगे? जबकि पंचायत प्रशासन को इन सभी सुविधाओं का ख्याल रखना चाहिए ताकि मेले में कोई हादसा न हो सके।
*पंचायत प्रशासन के प्रमुख कार्य:*
– आयोजन एवं प्रबंधन: मेले का स्थान निर्धारित करना, दुकानों/स्टालों का लेआउट तैयार करना और उनके लिए स्थान (तहबाजारी) का शुल्क पूर्व से तय करना।
– बुनियादी सुविधाएं: पेयजल, बिजली, और अस्थाई रोशनी की व्यवस्था करना।
– स्वच्छता: सार्वजनिक शौचालयों की स्थापना, कचरा निस्तारण और सफाई कर्मचारियों की तैनाती करना।
– नियमन: मेले में अवैध गतिविधियों को रोकना, प्लास्टिक प्रतिबंध का पालन कराना, और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
– स्वास्थ्य: आपातकालीन स्थिति के लिए प्राथमिक उपचार या एम्बुलेंस की सुविधा का इंतजाम करना।




