
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर एफआईआर के आदेश, आशुतोष पांडे के बयान पर कोर्ट का फैसला
प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला नाबालिग बच्चों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है ।

आशुतोष पांडे, जो श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, ने शंकराचार्य पर आरोप लगाया था कि उनके आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण हो रहा है। आशुतोष पांडे ने कोर्ट में दो नाबालिग बच्चों के बयान भी दर्ज कराए थे।
लेकिन, आशुतोष पांडे का आपराधिक इतिहास भी है। उन्हें गौ तस्करी और धोखाधड़ी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। शंकराचार्य ने आशुतोष पांडे को “हिस्ट्रीशीटर” और “पेशेवर अपराधी” कहा है।

शंकराचार्य अवमुक्तेश्वरानंद महाराज जी ने यह भी आरोप लगाया है कि यह मामला जगद्गुरु रामभद्राचार्य के इशारे पर उनके शिष्य ने दर्ज करवाया है। जबकि आशुतोष पांडे का आपराधिक इतिहास भी है जिनमें बाल यौन शोषण, गौ तस्करी, धोखाधड़ी और संपत्ति हड़पने के आरोप शामिल हैं। उन्हें 2012 में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था ।




