वसीयत मामले में चौंकाने वाले खुलासे: अधिवक्ता , सचिव और पटवारी की भूमिका संदिग्ध
कन्हवारा वसीयत मामला: सिविल कोर्ट में पहुंचेगा मामला

कन्हवारा में वसीयत विवाद: पीड़ित को मिला निःशुल्क अधिवक्ता
कन्हवारा वसीयत मामले में नया मोड़: अधिवक्ता और उसके सचिव भाई, सहित पटवारी पर कूटरचना का आरोप
कटनी जनपद पंचायत के ग्राम कन्हवारा में एक वसीयत मामले में नया मोड़ आया है। पीड़ित कमलेश कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि अधिवक्ता कैलाश कुशवाहा और उनके भाई कमल कुशवाहा ने उनकी मौसी से कूटरचना कर वसीयत करवा ली। पीड़ित का आरोप है कि मौसी ने वसीयत उनके नाम करने की थी, लेकिन अधिवक्ता ने अपने और अपने भाई के नाम पर वसीयत करवा ली।

*चौंकाने वाले खुलासे:*
– अधिवक्ता ने वसीयत में खुद को मौसी का नाती बताया, जबकि शिजरा में इसका जिक्र नहीं।
– तत्कालीन पटवारी ने नामांतरण के समय गलत स्थल पंचनामा बनाया।

– मृतक गँसी बाई के शिजरा में पुत्री के पति को फौत बताया, जबकि वे जीवित हैं।
– वसीयत में मृतक की पुत्र और पुत्री से अनापत्ति नहीं ली गई।
– नामांतरण कार्यवाही में नायब तहसीलदार कार्यालय की भूमिका संदिग्ध।
फिलहाल पीड़ित को जिला विधिक सहायता केंद्र से निःशुल्क अधिवक्ता मिला है, जिससे अब मामला सिविल कोर्ट पहुंच सकता है। पीड़ित ने प्रशासन को उक्त लोगों पर कार्रवाई न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।




