विरोध का नाटक, मनमानी कायम:* घंटाघर से हटाकर सिविल अस्पताल के सामने खुली शराब दुकान, अफसर मौन
चौपाटी की शामें होंगी 'नशे में चूर':* अस्पताल के सामने शराब दुकान से मध्यम वर्ग और ठेले वाले परेशान

विरोध के बाद घंटाघर से हटाई शराब दुकान, अब सिविल अस्पताल के सामने खुली: नियम ताक पर, मध्यम वर्ग परेशान
*कटनी।* घंटाघर स्थित श्री हनुमान मंदिर के सामने बजरंगदल के भारी विरोध के बाद हटाई गई शराब दुकान को अब सिविल अस्पताल के सामने चौपाटी रोड पर खोल दिया गया है। शराब दुकान के नए स्थान को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
*नियमों की उड़ी धज्जियां*
नियमानुसार मंदिर, स्कूल और अस्पताल से 500 मीटर के दायरे में शराब दुकान नहीं खोली जा सकती। लेकिन यहां शराब दुकान से जिला अस्पताल की दूरी मात्र 200 मीटर, अंजुमन स्कूल की दूरी 100 मीटर और साईं बाबा मंदिर की दूरी सिर्फ 50 मीटर है। इसके बावजूद आबकारी विभाग ने दुकान को यहां स्थानांतरित कर दिया।

*मध्यम वर्ग और गरीबों पर संकट*
चौपाटी रोड वह इलाका है जहां शाम को मध्यम वर्ग के परिवार टहलने और बच्चों के साथ वक्त बिताने आते हैं। अब शराब दुकान खुलने से परिवारों को असहजता महसूस हो रही है। वहीं चौपाटी के आसपास ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले गरीब दुकानदारों पर भी रोजगार का संकट मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि शराबियों की भीड़ से माहौल खराब होगा और ग्राहक आना बंद कर देंगे।
*’जिला प्रशासन सो रहा है क्या?‘*
स्थानीय नागरिकों ने कटनी कलेक्टर से निवेदन किया है कि अस्पताल, मंदिर और स्कूल के 500 मीटर के दायरे से बाहर ही शराब दुकान खोली जाए। लोगों का सवाल है कि श्री हनुमान मंदिर के सामने विरोध के बाद दुकान हटाकर सीधे जिला अस्पताल के सामने खोल देना कहां तक सही है? क्या जिले के जिम्मेदार अफसर अभी तक सो रहे हैं?
*आबकारी की मनमानी जारी*

गौरतलब है कि जिले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के दावों के बावजूद अवैध बिक्री और मनमानी वसूली जारी है। जिला आबकारी अधिकारी सुश्री विभा मरकाम की चुप्पी और कलेक्टर के संज्ञान न लेने से जनता में आक्रोश है। अब देखना है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।




