भ्रष्टाचार निरोधक टाईगर्स ने वारदाना घोटाले पर कलेक्टर को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, 3 दिन में न्याय नहीं मिला तो सड़कों पर उतरेंगे
3 दिन की मोहलत': वारदाना घोटाले में ज्ञापन सौंपते ही प्रशासन में हड़कंप, अनमोल दुबे की कुर्सी खतरे में
3 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी, EOW जांच और DSO के निलंबन की मांग
*कटनी, 04 मई 2026।* विजयराघवगढ़ SDM के स्पष्ट दंडात्मक आदेश के बावजूद वारदाना घोटाले के आरोपी केंद्र प्रभारी अनमोल दुबे पर 15 दिन बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज ‘राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक, टाईगर्स संस्थान’ ने सोमवार को कलेक्टर कटनी के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जिला खाद्य अधिकारी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

*क्या है मामला?*
खरीदी केंद्र कांटी में शासकीय बारदाने को निजी गोदाम (शेख सलीम) में रखकर गबन का मामला उजागर हुआ था। जांच में केंद्र प्रभारी अनमोल दुबे दोषी पाए गए। SDM विजयराघवगढ़ ने प्रकरण क्र. 330/रीडर/2026, दिनांक 16.04.2026 को आदेश दिया था कि आरोपी को तत्काल पद से हटाकर FIR दर्ज की जाए।

*DSO पर ‘संरक्षण’ देने का आरोप*
संस्थान के स्टेट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ऑफिसर कमल कुमार शर्मा ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि 15 दिन बीतने के बाद भी जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) ने SDM के आदेश का पालन नहीं किया। आरोपी अनमोल दुबे आज भी पद पर काबिज है।
ज्ञापन में कहा गया, _“जब SDM स्तर के अधिकारी के दंडात्मक आदेश को DSO रद्दी की टोकरी में डाल दे, तो यह शासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सीधा प्रहार है। DSO की चुप्पी ‘मिलीभगत’ और ‘संरक्षण’ की ओर इशारा करती है। इससे आरोपी को सबूत मिटाने का पूरा समय मिल रहा है।”_

*ज्ञापन की 4 प्रमुख मांगें:*
1. SDM के आदेश की अवहेलना पर DSO कटनी के विरुद्ध विभागीय जांच बैठाकर निलंबित किया जाए।
2. आरोपी अनमोल दुबे को 24 घंटे में पद से हटाकर FIR दर्ज कराई जाए।
3. पूरे वारदाना घोटाले की EOW से जांच कराई जाए।
4. प्रकरण में ‘ऊपर तक सेटिंग’ की जांच कर सभी दोषियों को बेनकाब किया जाए।
*3 दिन का अल्टीमेटम*
कमल कुमार शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि 3 दिवस में कार्रवाई नहीं हुई तो संस्था कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना देगी और लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराएगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग को भी भेजी गई है।

डिप्टी कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है, जिस पर आवक क्रमांक 47526 दर्ज किया गया है। अब देखना है कि प्रशासन DSO पर कार्रवाई करता है या ‘जीरो टॉलरेंस’ का नारा सिर्फ कागजों तक सीमित रहता है।




