बड़ी खबर: हिमालय तक पानी का दावा हवा, एसडीओ साहब ए.सी. से बाहर नहीं निकलते, ठेकेदार हुआ बेलगाम

‘मोदी की गारंटी’ पर ठेकेदार का बुलडोजर: कटनी के कन्हवारा में नल-जल योजना से निकली ‘हवा’, वार्ड-15 में नाली का पानी पीने मजबूर लोग
*कटनी 27 मई 2026 :* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुप्रतीक्षित *’हर घर नल, हर घर जल’* योजना को कटनी में ठेकेदार पलीता लगा रहा है। जिला मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर दूर *कन्हवारा गांव* इसका जीता-जागता उदाहरण बन गया है। मोदी जी ने कहा था कि हिमालय तक हर घर को साफ स्वच्छ पेयजल मिलेगा, लेकिन यहां ठेकेदार मोदी के वचनों को मिथ्या साबित करने में जुटा है।हैरत की बात ये है कि जिले का भाजपा संगठन भी मोदी की गारंटी को पूरा करवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा।*

*पाइपलाइन से पानी नहीं, सिर्फ ‘हवा’*
ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर ठेकेदार ने खानापूर्ति के लिए पाइपलाइन तो बिछा दी है, परंतु उनसे आज भी पानी नहीं बल्कि *सिर्फ हवा आ रही है।* कन्हवारा के ग्रामीण इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। नई बनी पानी की टंकी भी शोपीस बनकर खड़ी है।

*SDO साहब को AC से निकलना गंवारा नहीं*
सरकारी अफसरों की उदासीनता की हद देखिए कि *पीएचई विभाग के SDO साहब* को इस भीषण गर्मी में AC कमरे से निकलकर गांव का निरीक्षण करना तक गंवारा नहीं है। अफसरों की इसी लापरवाही से पाइपलाइन बिछाने वाला *’शेट्टी ठेकेदार’ पूर्णतः निरंकुश* हो गया है।

*सत्ता-संरक्षण का आरोप, टंकी में भ्रष्टाचार*
सूत्र बताते हैं कि ठेकेदार को *सत्ता और संगठन का संरक्षण प्राप्त है,* जिससे उसे किसी कार्रवाई का भय नहीं है। गांव में इसी ठेकेदार द्वारा बनाई जा रही नवीन पानी की टंकी को लेकर ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि *इसके निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार कर गुणवत्ता विहीन सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।* यानी आने वाले दिनों में टंकी भी धराशायी हो सकती है।

*वार्ड-15 में नाली का पानी पीने मजबूर*
कन्हवारा के *वार्ड पंद्रह में तो हद ही हो गई।* आज दिनांक तक पेयजल सप्लाई के लिए नई पाइपलाइन डाली ही नहीं गई। नतीजा, मजबूरन वार्डवासी *नाली का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।* बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं।

*न निरीक्षण, न कार्रवाई – सब मौन*
इतनी निष्क्रियता के बावजूद न तो ठेकेदार पर कोई कार्यवाही होती है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण किया जाता है। *पीएचई विभाग, जिला प्रशासन और भाजपा संगठन – सब मौन हैं।* सवाल उठता है कि क्या प्रधानमंत्री की गारंटी सिर्फ कागजों में रह जाएगी?




