“राशन की दुकान या बाप-दादे की जागीर? Shop 204 का काला सच”, स्क्रीनशॉट बोल रहा: मशीन रिटायर्ड के नाम, कमाई बेटे की जेब में
लाइव सबूत: CEO के "हटाएंगे" के बाद भी पोर्टल पर रिटायर्ड का नाम

अमाड़ी राशन दुकान पर पहला हक स्थानीय बेरोजगारों का “नवयुवकों से आवेदन लो” – लोसपा प्रदेश अध्यक्ष का अल्टीमेटम
“Nominee के नाम पर कब्जा: रिटायर्ड के बाद बेटा चला रहा राशन दुकान, CEO बोले-हटाएंगे, पोर्टल बोला-वही चला रहा”
*कटनी/बड़वारा* शासन की राशन दुकानों में “विरासत” चलाने का नया तरीका सामने आया है। अमाड़ी-कांटी समिति की दुकान Shop No. 204 में रिटायर्ड विक्रेता के बाद बेटे को “Nominee” बनाकर परमानेंट विक्रेता की तरह चलाया जा रहा है।
_निडर आवाज_ के खुलासे के बाद सहकारिता बड़वारा के CEO शैलेन्द्र सिंह ने 24.07.2026 को माना कि *”नीलेश उर्फ छोटू गौतम की संचालक मंडल द्वारा भृत्य पद पर नियुक्ति बिना हमारी जानकारी के हुई है, उसे हटाया जाएगा।”
पोर्टल का लाइव सच –
Shop No. 204, FPS Code 4203071
1. *Dealer Name*: `ram krishna gautam` – जो 4 महीने पहले रिटायर हो चुके
2. *Nominee I*: `nilesh` – रिटायर्ड का बेटा
3. *Terminal ID*: `XXXX-X7618` – अभी भी एक्टिव

जबकि *CEO के अनुसार नीलेश गौतम की संचालक मंडल द्वारा भृत्य पद पर नियुक्ति हुई है। जबकि वह रिटायर हुए विक्रेता रामकृष्ण गौतम का नोमिनी बना हुआ है।* इससे साफ है कि भृत्य के नाम पर उसे विक्रेता का काम कराया जा रहा है।
क्या होता है Nominee और यहां क्या खेल हुआ?
शासन के नियम के अनुसार `Nominee` सिर्फ “अस्थाई प्रभारी” होता है। जब मुख्य विक्रेता बीमार हो या बाहर हो तब 15 दिन-1 महीने के लिए मशीन चलाने के लिए।
*लेकिन यहां खेल ये हुआ:*
1. पिता रिटायर हुआ
2. बेटे को तुरंत Nominee बना दिया
3. बिना विज्ञापन, बिना परीक्षा के उसी से दुकान चलवाने लगे
यानी *”Nominee के नाम पर बैकडोर से परमानेंट भर्ती”

लोसपा प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विंदेश्वरी पटेल ने कहा, “नियम विरूद्ध भर्ती प्रक्रिया को तुरंत निरस्त करें प्रशासन, और पुनः नियमानुसार स्थानीय नवयुवकों से विक्रेता पद पर आवेदन आमंत्रित किए जाएं।”अन्यथा पार्टी स्थानीय बेरोजगारों के साथ वृहद आंदोलन करने बाध्य होगी।




