CCTV बंद, एंट्री पर अवैध वसूली, टैक्स किसान पर – कटनी मंडी में 3 लेयर का घोटाला
5 की रसीद, 10 की वसूली, बंद CCTV में खेला जा रहा लाखों का खेल

मंडी बनी भ्रष्टाचार का अड्डा: किसानों से दोगुनी वसूली, राजस्व में करोड़ों का घोटाला
कटनी, 9 सितंबर 2026 (विशेष संवाददाता)। अन्नदाताओं के हक की मंडी अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है। कटनी कृषि उपज मंडी में एंट्री गेट से लेकर मंडी शुल्क तक हर स्तर पर किसानों और शासन दोनों को खुलेआम चूना लगाया जा रहा है।
*खेल नंबर 1 – गेट पर ही दोगुनी वसूली*
मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध वसूली की जा रही है। कर्मचारियों द्वारा वाहन चालकों को 5 रुपये की रसीद थमाकर 10 रुपये नकद वसूले जा रहे हैं। रोजाना सैकड़ों वाहनों से होने वाली यह अतिरिक्त वसूली किसकी जेब में जा रही है, इसका कोई हिसाब नहीं है।

*खेल नंबर 2 – जानबूझकर बंद रखे गए CCTV*
मंडी परिसर में सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए लाखों की लागत से लगाए गए अधिकांश CCTV कैमरे महीनों से बंद पड़े हैं। आरोप है कि वाहनों की आवाजाही का सही रिकॉर्ड छिपाने के लिए कैमरों को जानबूझकर बंद रखा गया है। इसी हेराफेरी से मंडी को प्रतिदिन हजारों रुपये के मंडी शुल्क का नुकसान हो रहा है।
खेल नंबर 3 – टारगेट सिर्फ बड़े वाहन, बाकी रकम गायब
सूत्रों के मुताबिक मंडी को मिलने वाला वर्तमान राजस्व सिर्फ गिनी-चुनी बड़ी गाड़ियों (सब्जी, फल, आलू) से वसूले गए शुल्क से ही पूरा दिखा दिया जाता है। सवाल यह है कि मंडी में आने वाली सैकड़ों अन्य गाड़ियों से वसूला गया शुल्क आखिर जा कहां रहा है? यह सीधे तौर पर बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।

कानून ताक पर, टैक्स का बोझ किसान पर
मध्य प्रदेश मंडी अधिनियम के अनुसार मंडी शुल्क चुकाने की जिम्मेदारी खरीदार व्यापारी की है, किसान इससे मुक्त है। इसके बावजूद कटनी में आढ़तियों द्वारा यह शुल्क जबरन किसानों से ही वसूला जा रहा है।
मंडी में उपज लेकर पहुंचे किसान लल्ला कुशवाहा ने बताया – “मंडी में बहुत धांधली है, पर सुनने वाला कोई नहीं है।”

इस संबंध में मंडी सचिव मृदुल मंडावी ने हमेशा की तरह सिर्फ इतना कहा – “मामले को दिखवाते हैं।”*




