क्राइममध्य प्रदेश

सील के बाद भी इंजेक्शन! भाजपा मंडल को 1000 की रसीद, मित्रा डॉक्टर बेखौफ

CMHO आदेश फेल! रसीद के दम पर चल रहा मित्रा डॉक्टर का इलाज

सील के बाद भी “मित्रा डॉक्टर” का खेल जारी! भाजपा मंडल को 1000 रुपए की रसीद, बेटे के नाम फार्मेसी में इंजेक्शन-; CMHO बोले- जांच होगी

 

*कटनी।* कटनी में झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के दावे एक बार फिर फेल होते दिख रहे हैं। “मित्रा मेडिकल” संचालक कथित “बंगाली डॉक्टर” का मामला अब नए विवादों से जुड़ गया है। CMHO की जांच में डिग्री अयोग्य पाए जाने पर क्लिनिक सील कर सामान जप्त किया गया था। पर अब वही व्यक्ति अपने बेटे के नाम की “मित्रा फार्मेसी”(मेडिकल) में उसी जगह इलाज कर रहा है। Nidar Awaj Live को मिले दस्तावेज में भाजपा मंडल को दिए 1000 रुपए की रसीद का भी जिक्र है।

*पूरा घटनाक्रम – सील से लेकर रसीद तक:*

1. *पहले कार्रवाई:* कुछ महीने पहले CMHO कटनी डॉ. राज सिंह के आदेश पर “मित्रा मेडिकल” की जांच हुई थी। डिग्री योग्य न होने पर क्लिनिक सील कर टेबल, कुर्सी, बेड बाहर फेंकवा दिए गए थे।

 

2. *नया ठिकाना:* सील के बाद संचालक बाज नहीं आया। अब अपने बेटे के नाम उसी जगह “मित्रा फार्मेसी” खोल ली है। सूत्रों के मुताबिक फार्मेसी की आड़ में वही “बंगाली डॉक्टर” इंजेक्शन, लगा रहा है।

3. *वीडियो सबूत:* Nidar Awaj Live News के पास 2 वीडियो हैं। कन्हवारा निवासी लखन चौधरी कह रहा है – _”बंगाली के यहाँ सूजी लगवा लिए थे”_। दूसरे मरीज ने बताया विवाद में मुंह में चोट लगने पर “बंगाली डॉक्टर” ने टेटनस का इंजेक्शन लगाया। फीस 100 रुपए।

4. *भाजपा मंडल की रसीद का विवाद:* खबर को और सनसनीखेज बनाता है एक दस्तावेज। Nidar Awaj Live को मिली जानकारी के मुताबिक, मित्रा मेडिकल संचालक द्वारा भाजपा मंडल को 1000 रुपए देने की रसीद मौजूद है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि इसी “सेटिंग” के चलते सील के बाद भी कारोबार चल रहा है। हालांकि रसीद की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

*5 बड़े सवाल प्रशासन से:*

1. *सील तोड़कर कारोबार?* क्लिनिक सील के बाद फार्मेसी के नाम से इलाज – क्या ये प्रशासन के आदेश की अवहेलना नहीं?

2. *राजनीतिक संरक्षण?* भाजपा मंडल को 1000 रुपए की रसीद का मामला सच है तो क्या इसी वजह से कार्रवाई नहीं हो रही?

3. *बेटे के नाम लाइसेंस:* फार्मेसी में डॉक्टर बैठकर मरीज देखना ड्रग लाइसेंस का उल्लंघन है।

4. *इंजेक्शन- कौन लगा रहा?* बिना डिग्री इंजेक्शन लगाना BNS धारा 281 + ड्रग्स एक्ट का उल्लंघन।

5. *मॉनिटरिंग फेल?* सील के बाद फॉलोअप क्यों नहीं? शिकायत के बाद भी कार्रवाई लेट क्यों?

*CMHO कटनी डॉ. राज सिंह का बयान:*

डॉ. राज सिंह ने कहा _”पहले डिग्री के अभाव में क्लिनिक सील कराया गया था। यदि अब बेटे के नाम फार्मेसी खोलकर वही व्यक्ति इलाज कर रहा है तो गंभीर है। टीम भेजकर जांच करवाते हैं। अनियमितता पर FIR और कार्रवाई कानून के हिसाब से होगी, किसी के दबाव में नहीं”_।

*कानूनी प्रावधान:*

1. *MP नर्सिंग होम एक्ट 1973 धारा 18*: बिना रजिस्ट्रेशन क्लिनिक पर 3 साल जेल + जुर्माना।

2. *ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट*: फार्मेसी में डॉक्टर द्वारा इलाज लाइसेंस का उल्लंघन।

3. *BNS धारा 223*: सरकारी आदेश की अवहेलना।

*स्थानीय लोगों का आरोप:*

“पहले मित्रा मेडिकल सील हुआ तो लगा कार्रवाई होगी। अब बेटे के नाम फार्मेसी और भाजपा मंडल की रसीद से साफ है कि मिलीभगत है। गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। कलेक्टर साहब लाइसेंस रद्द करें”।

*दूसरा पक्ष:*

Nidar Awaj Live ने “मित्रा फार्मेसी” संचालक, कथित डॉक्टर और भाजपा मंडल पदाधिकारियों से पक्ष जानने की कोशिश की। उनका पक्ष आते ही खबर अपडेट की जाएगी।

*रिपोर्ट: Nidar Awaj Live News, कटनी*  

*नोट: दूसरे पीड़ित मरीज की पहचान गोपनीय।*

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