कटनी में शराब दुकानों पर बवाल, ‘मृत सिस्टम’ की अर्थी निकालेगा बजरंग दल:
बजरंग दल-विहिप का आरोप- शराब माफिया के आगे झुका प्रशासन

बजरंग दल-विहिप का ऐलान: जिला प्रशासन और आबकारी विभाग का निकालेंगे अर्थी जुलूस
कटनी। मंदिर और स्कूलों के पास संचालित शराब दुकानों को नहीं हटाने से नाराज बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने जिला प्रशासन व आबकारी विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठनों ने ‘मृत सरकारी सिस्टम’ की अर्थी निकालने का ऐलान किया है।
*10 दिन का आश्वासन, कार्रवाई शून्य*
बजरंग दल-विहिप ने बीते दिनों उग्र आंदोलन कर जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मंदिर व स्कूलों के पास चल रही शराब दुकानों को हटाने की मांग की थी। उस दौरान अधिकारियों ने 10 दिन के अंदर दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ।
*आबकारी विभाग पर मिलीभगत का आरोप*
संगठन का आरोप है कि आबकारी विभाग ने शराब माफिया के आगे घुटने टेक दिए हैं। ग्राम पंचायत कन्हवारा के सरपंच ने भी अवैध शराब बिक्री बंद कराने के लिए पत्र लिखकर मांग की थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

*रेट लिस्ट का क्यूआर कोड तक नहीं लगा*
शराब उपभोक्ताओं ने कहा कि नए ठेके हुए महीनों बीत गए लेकिन आबकारी विभाग अभी तक शराब दुकानों में रेट लिस्ट का क्यू आर कोड तक नहीं लगवा पाया है। इससे प्रशासन और ठेकेदार की मिलीभगत उजागर होती है।
*’संवेदनाएं मर चुकी हैं’*
बजरंग दल का कहना है कि शराब माफिया और प्रशासन की संवेदनाएं मर चुकी हैं। इसलिए अब मृत सिस्टम की अर्थी निकालकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर जल्द दुकानें नहीं हटाई गईं तो आंदोलन और तेज होगा।




