2 महीने बाद भी कागज पर आदेश! देवरी सर्किल की शराब दुकानों में नहीं लगा रेट स्कैनर, विभागीय मिलीभगत के आरोप
"लुटने के लिए लाइसेंस दिया?" उपभोक्ताओं का आरोप: मां भगवती इंटरप्राइजेज की दुकानों में रेट लिस्ट गायब, आबकारी विभाग सो रहा

स्कैनर गायब, लूट जारी! देवरी-हटाई-हिरवारा-कौड़ियां की शराब दुकानों में रेट लिस्ट का स्कैनर नहीं, आबकारी विभाग मौन
*देवरी.हटाई/ कटनी।* आबकारी विभाग के कड़े आदेश भी देवरी सर्किल की शराब दुकानों के आगे बौने साबित हो रहे हैं। विगत 2 महीने से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी देवरी, हटाई, हिरवारा और कौड़ियां की शराब दुकानों में रेट लिस्ट का स्कैनर सार्वजनिक स्थान पर नहीं लगाया गया है। नतीजा – उपभोक्ता मनमाने दाम पर शराब खरीदने को मजबूर हैं।
आदेश कागज तक सीमित
आबकारी विभाग ने करीब 2 महीने पहले सभी शराब दुकानों को निर्देश दिए थे कि रेट लिस्ट का स्कैनर ऐसी जगह लगाएं जो आम जनता को सार्वजनिक रूप से दिखे। मकसद था – MRP से ज्यादा वसूली पर रोक और पारदर्शिता। लेकिन हकीकत ये है कि देवरी हटाई, हिरवारा, कौड़ियां की किसी भी दुकान पर आज तक स्कैनर नहीं लगा।
उपभोक्ता बोले – लूट की खुली छूट
उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि आबकारी विभाग ने “मां भगवती इंटरप्राइजेज” को लाइसेंस देकर लूट की खुली छूट दे दी है। दुकानों पर रेट लिस्ट न होने से शराब ठेकेदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं और विरोध करने पर विवाद की स्थिति बनती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कैनर न होने से QR कोड स्कैन कर रेट चेक करने का सिस्टम पूरी तरह फेल है। न विभाग के अधिकारी देखने आते हैं, न अधीनस्थ कर्मचारी इस पर कोई कार्रवाई कर रहे हैं।
*मिलीभगत के आरोप, कार्रवाई कब?*
सवाल ये उठ रहा है कि 2 महीने बाद भी आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ? क्या आबकारी विभाग और शराब ठेकेदार के बीच मिलीभगत है? उपभोक्ताओं ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और लाइसेंसधारी पर तत्काल कार्रवाई हो और सभी दुकानों पर 24 घंटे के अंदर स्कैनर लगवाया जाए।
अब देखना होगा कि आबकारी विभाग इस “कागजी आदेश” को जमीनी हकीकत में कब बदलता है, या उपभोक्ताओं की लूट ऐसे ही जारी रहेगी।




