कटनी का मिशन चौक बना नर्क: अंडा-मांस की गंदगी से चौराहे को कौन बचाएगा?
हजारों यात्रियों की रोज की मुसीबत: मिशन चौक में सड़ांध के बीच सफर

चौराहे से रोज गुजरते हैं हजारों लोग, दुकानदारों-स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी
*कटनी।* शहर के व्यस्ततम चौराहों में से एक मिशन चौक इन दिनों खुले में अंडा-मांस की बिक्री की वजह से बदबू और गंदगी का अड्डा बन गया है। यहां सड़क किनारे लगे ठेलों पर बिना किसी शेड, बिना सफाई व्यवस्था के मांस काटा और बेचा जा रहा है।
नतीजा ये कि चौराहे से निकलने वाले यात्रियों, दुकानदारों और आसपास के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को रोज सड़ांध और गंदगी से दो-चार होना पड़ रहा है। गर्मी और उमस में स्थिति और बदतर हो गई है।
*”दम घुटता है निकलते समय“*

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह 9 बजे से लेकर रात 9 बजे तक यहां मांस काटने की प्रक्रिया चलती है। बचे-खुचे अवशेष, खून और गंदा पानी सीधे सड़क/नाली में बहा दिया जाता है। इससे तेज बदबू उठती है और मक्खियां-मच्छरों का जमावड़ा लग जाता है।
एक राहगीर ने कहा, “ऑफिस, स्कूल, अस्पताल जाने के लिए इसी चौराहे से गुजरना पड़ता है। नाक बंद करके निकलना पड़ता है। बुजुर्गों और बच्चों का तो दम घुटने लगता है।”
*स्वास्थ्य और ट्रैफिक दोनों पर असर*
व्यापारियों का आरोप है कि खुले में मांस बेचने से ग्राहक उनकी दुकानों से मुंह मोड़ रहे हैं। वहीं स्कूली बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि गंदगी के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। चौराहे पर ठेले लगने से पैदल यात्रियों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है, जिससे जाम और हादसे का खतरा भी बढ़ गया है।

लोगों की मांग है कि प्रशासन मिशन चौक से खुले में मांस बिक्री पर तुरंत रोक लगाए और इसके लिए निर्धारित बाजार/स्लॉटर हाउस की जगह तय करे। नगर निगम और खाद्य विभाग संयुक्त कार्रवाई कर गंदगी और सड़ांध से शहर को निजात दिलाएं।
नोट:* यह खबर स्थानीय लोगों, राहगीरों और व्यापारियों की शिकायत/अवलोकन पर आधारित है। खुले में मांस बिक्री के नियमों और वैधता के संबंध में नगर निगम/खाद्य विभाग के अधिकारियों से पक्ष लेना शेष है। किसी व्यक्ति/दुकान का नाम आना दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।




