कटनी में प्रभु आगमन – श्रद्धा, भक्ति और अहिंसा की दिव्य वर्षा
कटनी - भगवान महावीर स्वामी जी एवं भगवान सुपार्श्वनाथ जी की दिव्य प्रतिमाओं का नगर में हुआ भव्य आगमन

कटनी में प्रभु आगमन – श्रद्धा, भक्ति और अहिंसा की दिव्य वर्षा
संवाददाता बाल किशन नामदेव
कटनी की पावन धरती पर आज धर्म, श्रद्धा और भक्ति की अनुपम छटा देखने को मिली, जब भगवान महावीर स्वामी जी एवं भगवान सुपार्श्वनाथ जी की दिव्य प्रतिमाओं का भव्य आगमन नगर में हुआ।
यह पावन अवसर स्वंत्रता संग्राम सेनानी स्व. हुकुमचंद जैन द्वारा निर्मित श्री 1008 चंद्रप्रभ दिगंबर जैन बंगला मंदिर में सम्पन्न हुआ, जहाँ नवीन प्रतिमाएँ आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में जबलपुर में पंचकल्याणक संस्कार से प्रतिष्ठित होकर कटनी नगर पधारीं।

भव्य आगवानी यात्रा बंगला मंदिर बाहुबली कॉलोनी से प्रारंभ होकर बड़े जैन मंदिर होते हुए काँच मंदिर, हीरागंज तक पहुँची और पुनः श्रद्धालुओं की अपार भक्ति के साथ बंगला जैन मंदिर में प्रवेश हुआ। मार्ग भर “अहिंसा परमोधर्मः” और “जय जिनेंद्र” के जयघोषों से नगर गुंजायमान होता रहा।
इस पवित्र अवसर पर प्रभु प्रतिमाओं का अभिषेक एवं लघु शांतिधारा विधिपूर्वक सम्पन्न हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।
📿 कल प्रातः 8:30 बजे, सोमवार को मुनि श्री 108 पद्मसागर जी महाराज के पावन सानिध्य में 108 मंत्रों द्वारा मस्तकाभिषेक एवं भव्य शांतिधारा का आयोजन किया जाएगा।
इस भव्य जुलूस में धर्मनिष्ठ श्रद्धालुजन —
विजय जैन, राजकुमार जैन, विमल जैन, शांति कुमार जैन, पप्पू जैन, प्रवीण जैन, ऋषभ जैन, रज्जन जैन, संजय जैन, सोनू जैन सहित बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएँ एवं बालिकाएँ शामिल रहीं, जिन्होंने प्रभु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने का दिव्य संदेश बन गया। प्रभु की यह आगवानी नगर के प्रत्येक जन के जीवन में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक प्रकाश का संचार है।
🙏 “अहिंसा, सत्य और करुणा के मार्ग पर चलें – यही सच्ची प्रभु भक्ति है।”




