कटनी में धान खरीदी का धंधा: व्यापारी बिचौलियों की चांदी,
उच्च अधिकारियों के निरीक्षण में उदासीनता से हालात हुए बेहद चिंताजनक

*धान खरीदी केंद्रों में भ्रष्टाचार का खुलासा: उच्चाधिकारी जनों के निरीक्षण में उदासीनता से हालात बेहद चिंताजनक*
कटनी कलेक्टर के निर्देशों की धज्जियां खुलेआम खरीदी केंद्रों में उड़ रहीं हैं। यहां केंद्रों में एक व्यापारी (बिचौलिया) दस – दस किसानों का पंजीयन लेकर धान बेच रहे हैं, जिसमें खरीद प्रभारी से लेकर सर्वेयर तक शामिल हैं।
*केंद्रों में व्यापारी बिचौलियों का बोलबाला*
ग्रामीण क्षेत्रों के खरीदी केन्द्रों में तो स्थिति और भी गंभीर है। नन्हवारा, बंजारी, खरीदी केन्द्र सहित विजयराघवगढ़ क्षेत्र के केंद्रों में लंबी कतारों में खड़े किसानों के बीच कई ऐसे धान लदे वाहन देखे गए हैं जिनका संबंध किसानों से नहीं बल्कि व्यापारियों से बताया जा रहा है।

*सर्वेयरों, प्रभारियों द्वारा भी किसान साहित व्यापारियों से मनमाना रुपया वसूला जाता है*
सर्वेयरों द्वारा भी किसान साहित व्यापारियों से मनमाना रुपया वसूला जाता है। जिसमें नन्हवारा धान खरीदी केंद्र में तो किसानों से तौलाई भी प्रति क्विंटल ली जा रहीं हैं। साथ ही यहां बिचौलिया का प्रभारी और सर्वेयर से कमिशन सेट है। सूत्रों की मानें तो व्यापारी अपने धान प्रति किलो मे एक रुपए सुनिश्चित है, तो वहीं सर्वेयर भी अतिरिक्त रूपए वसूलते है।
*वास्तविक किसानों की कलेक्टर से मांग*

कलेक्टर से मांग है कि वे उन सभी रजिस्ट्रेशनों की तत्काल जांच कराएं जिनके आधार पर भारी मात्रा में धान लाया जा रहा है। साथ ही सर्वेयरों और खरीद प्रभारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
*किसानों को निर्देश*

किसानों को भी तत्काल निर्देशित किया जाए कि वे अपना पंजीयन करवाकर किसी व्यापारी को न दें, नहीं तो इस जालसाजी में वे भी बराबर के अधिकारी होंगे। किसानों को अपना धान बेचने के लिए किसी भी प्रकार के दबाव या लालच में नहीं आना चाहिए और अपना स्वयं का पंजीयन किसी व्यापारी को नही देने निर्देष जारी किए जाए।




