सरपंच की शिकायत पर भारी ठेकेदार का रसूख, धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब
शराब ठेकेदार की 'सेटिंग' के आगे नतमस्तक प्रशासन, कन्हवारा में नियमों की उड़ी धज्जियां

आधिकारिक दुकान के बाद भी गली-मोहल्ले में अवैध शराब, आदिवासी मोहल्लों में दो-दो ठिकाने
कटनी (कन्हवारा): ग्राम पंचायत कन्हवारा में इन दिनों आबकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय सरपंच रतन लाल आदिवासी द्वारा ग्रामीणों की सुरक्षा और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लगातार पत्राचार करने के बावजूद, गाँव के गली-मोहल्लों में अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है।

आदिवासी मोहल्लों में दो-दो जगह अवैध ठिकाने
हैरानी की बात यह है कि गाँव में आधिकारिक सरकारी शराब दुकान होने के बाद भी, रिहायशी इलाकों और छोटे-छोटे आदिवासी मोहल्लों में अवैध रूप से शराब खपाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में एक-एक मोहल्ले में दो-दो जगहों पर अवैध बिक्री के केंद्र बन गए हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह दूषित हो रहा है।
बिना रेट लिस्ट सुबह से आधी रात तक ‘खुली छूट’

नियमों को ताक पर रखकर कन्हवारा की शराब दुकान से सुबह से लेकर आधी रात तक मदिरा बेची जा रही है। इन अवैध केंद्रों पर न तो कोई रेट लिस्ट चस्पा है और न ही समय की कोई पाबंदी। ठेकेदार द्वारा मनमाने दामों पर शराब बेची जा रही है।
सरपंच की सक्रियता पर भारी ठेकेदार का रसूख

सरपंच रतन लाल आदिवासी ने इस संबंध में कई बार आला अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों में चर्चा है कि शराब ठेकेदार की रसूखदारों और संबंधित विभाग के साथ इतनी तगड़ी ‘सेटिंग‘ है कि शिकायतें महज़ कागजी कार्रवाई बनकर रह गई हैं। प्रशासन की इस चुप्पी से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।




