क्राइममध्य प्रदेश

साहबों की मेहरबानी? कटनी में मगरमच्छों पर नहीं पड़ रहा खाद्य विभाग का हाथ

नियमों की धज्जियां: कमर्शियल की जगह घरेलू गैस से गुलजार बड़े होटल, प्रशासन बेखबर

कटनी में गैस सिलेंडरों का ‘खेल’: छोटे दुकानदार बेहाल, रसूखदारों के होटल गुलजार

 

कटनी। शहर में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत और कथित कालाबाजारी ने आम आदमी और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। हालत यह है कि एक तरफ गरीब तबके के चाय-समोसे के ठेले और छोटी दुकानें सिलेंडर न मिलने के कारण बंद होने की कगार पर हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के रसूखदार होटल और मैरिज गार्डनों में सिलेंडरों की ‘गंगा’ बह रही है। 

गरीब की चूल्हा बुझा, अमीरों की दावतें जारी

शादियों के इस भारी सीजन में जहां आम आदमी को एक घरेलू सिलेंडर के लिए हफ़्तों इंतज़ार करना पड़ रहा है, वहीं शहर के बड़े होटलों और रेस्टोरेंट्स में गैस की कोई कमी नजर नहीं आ रही। ताज्जुब की बात यह है कि प्रशासन की नाक के नीचे ये बड़े संस्थान बेधड़क गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब बाजार में किल्लत है, तो इन होटलों के पास सिलेंडरों का स्टॉक कहां से आ रहा है?

सूत्रों का सनसनीखेज दावा: नामी पैलेस में घरेलू गैस का ‘अंबार’

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कटनी के कुछ बेहद चर्चित और आलीशान मैरिज पैलेसों में व्यावसायिक (Commercial) की जगह भारी मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक-एक बड़े पैलेस में आधी सैकड़ा (50) से भी ज्यादा घरेलू सिलेंडर डंप करके रखे गए हैं। नियमतः होटलों और कमर्शियल आयोजनों में नीले रंग के कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग होना चाहिए, लेकिन मुनाफे के चक्कर में रसूखदार सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

हैरानी की बात यह है कि खाद्य विभाग और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले से बेखबर बना हुआ है। छोटे दुकानदारों पर अक्सर कार्रवाई करने वाला अमला इन बड़े मगरमच्छों पर हाथ डालने से बच रहा है। प्रशासन की इस अनदेखी के कारण न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि उन गरीबों के मुंह का निवाला भी छिन रहा है जिनकी रोजी-रोटी छोटे ठेलों पर टिकी है।

अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन इन रसूखदार , राजनीतिक पार्टियों से ताल्लुक रखने वाले होटल संचालकों और पैलेस मालिकों पर कोई कड़ी कार्रवाई करता है, या फिर ‘साहबों’ की यह मेहरबानी इसी तरह जारी रहेगी।

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