शहीद का अपमान, मजदूर का शोषण: कटनी में ओबीसी महासभा का अनिश्चितकालीन आंदोलन, प्रशासन पर टालमटोल का आरोप
'कंपनी मालामाल, मजदूर कंगाल': कटनी में 36.79 लाख के लिए सड़क पर उतरी ओबीसी महासभा

कलेक्ट्रेट गेट पर डटे आंदोलनकारी: ‘4 महीने से मौखिक आश्वासन, मजदूर भुखमरी की कगार पर’ | कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग, भुगतान न होने तक धरना जारी रखने का ऐलान*
*कटनी, 1 जून 2026:* ओबीसी महासभा, कटनी ने आज से कलेक्ट्रेट गेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने के दो मुख्य कारण हैं – *Shreeji Infrastructure India Pvt. Ltd. द्वारा मजदूरों का 36,79,304 रुपये का भुगतान न करना* और *अमर शहीद प्रदीप पटेल के नाम पर देवरा कला के शासकीय स्कूल का नामकरण न होना।*
*क्या है पूरा मामला?*
ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष बी.के. पटेल द्वारा SDM कटनी को सौंपे गए ज्ञापन क्र. 75/ओबीसी/2026 के अनुसार:
1. *मजदूरी घोटाला:* Shreeji Infrastructure India Pvt. Ltd. ने हाइवे ब्रिज में ‘वेला पेंटिंग’ का कार्य कराया। काम पूरा हो चुका है, लेकिन कंपनी पर *36 लाख 79 हजार 304 रुपये* का भुगतान बकाया है। मजदूरी न मिलने से मजदूर मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। महासभा ने कंपनी मालिक पर FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई, मजदूरी का भुगतान, ठेका रद्द कर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।
2. *शहीद का अपमान:* अमर शहीद प्रदीप पटेल के नाम पर शासकीय स्कूल देवरा कला का नामकरण “अमर शहीद प्रदीप पटेल” के नाम से करने की मांग लंबित है।

*‘4 महीने से सिर्फ आश्वासन’*
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इन दोनों मामलों को लेकर 4 माह पूर्व भी कलेक्टर से निवेदन किया गया था। तब *मौखिक आश्वासन दिया गया था कि शीघ्र मजदूरी का भुगतान कराया जाएगा*, लेकिन 4 माह बीत जाने पर भी भुगतान नहीं हुआ। महासभा का कहना है कि अब मजदूरों के ‘मरने की नौबत आ गई है’।
*धरना स्थल से चेतावनी*

धरने पर बैठे पदाधिकारियों ने कहा – “प्रशासन ने 4 महीने सिर्फ टालमटोल की। अब भुगतान नहीं हुआ तो धरना जारी रहेगा।” बैनर में साफ लिखा है कि मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना चलेगा। धरने को बिरसा मुंडा आदिवासी महासभा, कुर्मी क्षत्रिय पटेल समाज, लोधी क्रांति सेना का समर्थन प्राप्त है।
*प्रशासन की चुप्पी पर सवाल*
गौरतलब है कि कंपनी पर बकाया राशि 36 लाख से अधिक है और मजदूर भुखमरी की कगार पर हैं, फिर भी जिला प्रशासन ने 4 महीने में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अब देखना है कि अनिश्चितकालीन धरने के बाद प्रशासन जागता है या नहीं।
*एडिटर नोट:* खबर में कंपनी और प्रशासन का पक्ष शामिल नहीं है। पक्ष प्राप्त होने पर अपडेट किया जाएगा।




