डिग्री आयुर्वेद की, बोर्ड पर एलोपैथी का निशान : माँ दुर्गा क्लीनिक पर उठे सवाल
BAMS डॉक्टर के बोर्ड पर 'कैडूसियस' चिन्ह और 24 घंटे सेवा का दावा, रजिस्ट्रेशन नंबर नदारद

डिग्री आयुर्वेद की, बोर्ड पर एलोपैथी का निशान : माँ दुर्गा क्लीनिक पर उठे सवाल
*कटनी, 3 जून 2026।* शहर के बाजू से ग्राम मझगवा बड़वारा रोड में संचालित माँ दुर्गा क्लीनिक का बोर्ड स्वास्थ्य विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड में *डॉ. पी. ओझा* की डिग्री *BAMS* कोलकाता लिखी है, जो आयुर्वेद की डिग्री है। इसके बावजूद बोर्ड के दोनों कोनों पर एलोपैथी का प्रतीक चिन्ह ‘ *कैडूसियस* ‘ बना हुआ है।
*नियमों का उल्लंघन*
1. *चिन्ह का गलत इस्तेमाल:* सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन और नेशनल मेडिकल कमीशन के नियमों के मुताबिक BAMS डिग्रीधारी डॉक्टर अपने बोर्ड पर कैडूसियस का चिन्ह इस्तेमाल नहीं कर सकते। यह अधिकार सिर्फ MBBS, MD डिग्री वाले एलोपैथिक डॉक्टरों को है।

2. *रजिस्ट्रेशन नंबर गायब:* बोर्ड पर मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं है। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत हर डॉक्टर को अपना रजिस्ट्रेशन नंबर बोर्ड पर लिखना अनिवार्य है।
3. *भ्रामक दावे:* बोर्ड पर “24 घंटे सेवा उपलब्ध” और “हर प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जाता है” लिखा है। BAMS डॉक्टरों को इमरजेंसी सेवा का दावा करने और सभी बीमारियों के इलाज का बोर्ड लगाने की अनुमति नहीं है। वे केवल आयुर्वेदिक पद्धति से निर्धारित रोगों का ही इलाज कर सकते हैं।
*BMO कब देंगे जांच के आदेश*
BMO कब टीम भेजकर क्लीनिक का निरीक्षण करेंगे। फोटो चीख चीख कर बता रही है अपनी अनियमितता ।”
*क्या कहते हैं नियम*
Indian Medical Council Act 1956 के अनुसार एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन, सलाइन सिर्फ MBBS डिग्रीधारी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर ही दे सकते हैं। BAMS डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन आयुर्वेद बोर्ड में होता है और वे सिर्फ आयुर्वेदिक उपचार कर सकते हैं।




