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नगर सेठ ने चूना मारा, अब तार बाड़! कन्हवारा में आदिवासी बस्ती घेरी ..बिना नाप-जोख कब्जा! गांव में टकराव

सेठ ने घेर लिया मुक्तिधाम! तलैया भी नहीं बख्शी, आदिवासी बोले- न्याय दो*

“छः घरा” आदिवासी बस्ती में बिना सीमांकन तार बाड़ और सीमेंट पोल का घेरा, पंचायत सचिव बोले- “अभी जो कब्जा हो रहा है गैर कानूनी”; घरों के सामने गड़े पोल, CM हेल्पलाइन 38783242 पर शिकायत

 

*कटनी।* कन्हवारा क्षेत्र की आदिवासी बस्ती “छः घरा” में जमीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटनी बस स्टैंड निवासी गुप्ता के लोग उनके 10 साल पुराने मकानों को तार बाड़ और सीमेंट पोल से घेरकर बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं। विवाद पर ग्राम पंचायत सचिव ने भी मोहर लगाते हुए कहा है कि बगैर सीमांकन के जो कब्जे की कार्रवाई हो रही है वो “गैर कानूनी” है।

*वीडियो-फोटो में क्या है सबूत:*

Nidar Awaj Live News को मिले वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है। बस्ती की मिट्टी वाली सड़क किनारे एक के बाद एक सीमेंट के पोल गाड़कर चेन लिंक तार बाड़ लगा दी गई है। तार के नीचे रंगीन साड़ी, दरी और कपड़े टांगकर पर्दे की तरह लटका दिए गए हैं।

सबसे चौंकाने वाली तस्वीर में ईंट-पत्थर का पक्का मकान दिख रहा है और उसके दरवाजे-खिड़की से महज 2-3 फीट की दूरी पर 3 नए सीमेंट पोल ताजा सीमेंट के साथ गड़े हैं। वीडियो में ग्रामीणों की आवाज आ रही है – _”हाँ अपने ही पंचायत के हैं”_।

*ग्रामीणों और पीड़ितों का आरोप:*

पीड़िता मौर्य ने Nidar Awaj Live News से कहा _”आप देख लीजिए, मेरे पूरे घर को घेरकर बड़े-बड़े खंभे लगाकर तार बाउंड्री कर जबरन कब्जा किया गया है। हमें न्याय चाहिए”_।

ग्रामीणों का कहना है कि छः घरा बस्ती में करीब तीन दर्जन आदिवासी परिवार 10 साल से अधिक समय से रह रहे हैं। पहले कोई विवाद नहीं था। 15-20 दिन पहले कटनी बस स्टैंड निवासी सुरेश गुप्ता के लोग आए और कहा कि “ये जमीन सेठ के नाम निकल आई है, मकान खाली करो, नहीं तो घर में भी कब्जा कर लेंगे”। पहले चूना से निशान बनाए गए, अब तार बाड़ लगा दी गई है और मकानों के सामने पोल गाड़े जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बस्ती में सरकारी धन से बना मुक्तिधाम और सरकारी पैसे से निर्मित तलैया को भी तार बाड़ में घेर लिया गया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल गुंडागर्दी बंद कराकर आदिवासी बस्ती को बचाने की मांग की है।

*शिकायत दर्ज, कार्रवाई शून्य:*

मामले को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत क्रमांक *38783242* जारी किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी राजस्व अमला मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा है।

*पंचायत सचिव का बड़ा बयान:*

इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत सचिव नरेश पटेल का बयान सबसे अहम है। सचिव ने कहा _”मामला संज्ञान में है। पहले सीमांकन होना चाहिए फिर उसके बाद कब्जे की कार्यवाही होनी चाहिए। अभी जो भी कब्जा का काम हो रहा है गैर कानूनी है”_। सचिव का ये बयान मैनेजर के “खाली जगह” वाले तर्क को कमजोर कर रहा है।

*राजस्व विभाग/पटवारी का पक्ष:*

मामले में पटवारी हल्का रामगोपाल यादव का कहना है कि _”राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार जमीन सुरेश गुप्ता के नाम पर है। मालिक को कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्यवाही करने कहा है। अगर बलपूर्वक कब्जा खाली करवाया जा रहा है तो मैनेजर से बात करता हूं। मेरे द्वारा किसी भी प्रकार का सीमांकन नहीं किया गया”_।

*दूसरे पक्ष का दावा:*

सुरेश गुप्ता के मैनेजर सुमित दीक्षित ने सफाई देते हुए कहा कि _”जो खाली जगह हमारी थी, उसी में पोल गढ़वाए जा रहे हैं न कि किसी मकान को काबिज किया जा रहा है”_।

*4 बड़े सवाल जो प्रशासन को जवाब देने हैं:*

1. *सीमांकन कहां है?* पटवारी कह रहे हैं सीमांकन नहीं हुआ, सचिव कह रहे हैं बगैर सीमांकन कब्जा गैर कानूनी है। फिर मकानों के सामने पोल किस आधार पर गड़े?

2. *170-B का मामला:* बस्ती आदिवासी है। यदि जमीन ST वर्ग की थी तो गैर-आदिवासी सुरेश गुप्ता के नाम कैसे हुई? क्या भू-राजस्व संहिता धारा 170-B का उल्लंघन हुआ?

3. *सरकारी संपत्ति:* मुक्तिधाम और तलैया सरकारी धन से बने हैं। क्या उनकी जमीन भी निजी खसरे में शामिल है?

4. *दबाव और धमकी:* ग्रामीणों का आरोप है कि “घर खाली करो वरना घर में कब्जा” की धमकी दी जा रही है। क्या ये कानूनी प्रक्रिया है?

*ग्रामीणों की मांग:*

ग्रामीणों ने कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार से मांग की है कि तत्काल राजस्व टीम भेजकर सीमांकन कराया जाए, पटवारी नक्शा और खसरे के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाए। जब तक सीमांकन न हो, किसी भी प्रकार की बाड़/पोल लगाने पर रोक लगाई जाए।

फिलहाल दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे और सचिव के “गैर कानूनी” बयान के बाद स्थिति तनावपूर्ण है। Nidar Awaj Live News प्रशासनिक कार्रवाई और सीमांकन रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

*रिपोर्ट: Nidar Awaj Live News, editor in chief महेंद्र सोनी कटनी*  

*दिनांक: 6 जून 2026, शनिवार*

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