क्राइममध्य प्रदेश

कन्हवारा में “बंगाली डॉक्टर” की गतिविधि जारी? आवास के पीछे नए ठिकाने की चर्चा, ग्रामीणों ने एफआईआर की मांग की

सीज के बाद भी कन्हवारा में “बंगाली डॉक्टर” के नए ठिकाने की चर्चा, FIR की मांग..मित्रा फार्मेसी सीज होने के बाद आवास के पीछे कमरे में सफाई करते देखा गया – सूत्र, FIR न होने से ग्रामीणों में नाराजगी

 

*कटनी/कन्हवारा13 जून2026 * निडर आवाज न्यूज की खबर के बाद कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मित्रा फार्मेसी पर की गई कार्रवाई के बाद भी कन्हवारा में तथाकथित “बंगाली डॉक्टर” प्रवीण मित्रा की गतिविधियों को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं।

 

*सीज के बाद नए ठिकाने की चर्चा – सूत्र*

सूत्रों के अनुसार, मेडिकल स्टोर सीज होने के बाद प्रवीण मित्रा अपने आवास के पीछे वाले कमरे की साफ-सफाई करते देखा गया है। ग्रामीणों में चर्चा है कि अब वह उसी स्थान से इलाज की गतिविधि शुरू कर सकते हैं। हालांकि इसकी प्रशासनिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

*एफआईआर न होने पर सवाल*

सूत्र बताते हैं कि मेडिकल स्टोर सीज करने के दौरान विभाग द्वारा सील नहीं लगाई गई और मौके पर दुकान का निजी ताला ही लगा रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर की आड़ में इलाज करते पकड़े जाने के बावजूद अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई, जिससे संबंधित व्यक्ति स्वतंत्र रूप से घूम रहा है।

 

*ग्रामीणों की मांग*  

कन्हवारा के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मेडिकल स्टोर की आड़ में इलाज करने के मामले में प्रवीण मित्रा पर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सख्त कार्रवाई होने पर ही इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगेगी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति की “सत्तासीन भाजपा पार्टी से सेटिंग” है। यह आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाया गया है, इसकी निडर आवाज न्यूज पुष्टि नहीं करता।

 

*प्रशासन का पक्ष*

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मित्रा फार्मेसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर बंद करा दिया गया है और प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है। विभाग के अनुसार नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

*नोट:* यह खबर निडर आवाज न्यूज की पूर्व रिपोर्टिंग, सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी और ग्रामीणों के बयानों पर आधारित है। किसी व्यक्ति पर आरोप सिद्ध होने तक उसे दोषी नहीं माना जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की जांच और प्रशासनिक रिकॉर्ड के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। प्रवीण मित्रा से संपर्क नहीं हो सका, उनका पक्ष मिलने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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