बिजली बिल वसूलने आ जाते हैं, ट्रांसफार्मर बदलने कोई नहीं आता*45° में तप रहा डिठवारा-सहसपुरा, न बिजली न पानी, अफसर AC में मस्त
*बच्चे बिलख रहे, मां 2 किमी से ला रही पानी : ये है कटनी का 'विकास'

JE ने फोन उठाना बंद किया, गांव महीनों से अंधेरे में : MPEB की गुंडागर्दी डिठवारा-सहसपुरा में महीनों से अंधेरा, MPEB की लापरवाही से पानी के लिए तरसे ग्रामीण
*कटनी, 3 जून 2026।* जनपद पंचायत कटनी के डिठवारा-सहसपुरा ग्राम में बिजली संकट ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। महीनों से बिजली सप्लाई बाधित है और नल-जल योजना का ट्रांसफार्मर एक महीने से जला पड़ा है। भीषण गर्मी में बच्चों-बुजुर्गों की हालत खराब है।
*जिम्मेदार अफसर नदारद*
इस संबंध में जब MPEB विजयराघवगढ़ के जूनियर इंजीनियर विजय धुर्वे से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन अटेंड नहीं हुआ। कई बार कॉल करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला।

*लाइनमैन ने मानी लापरवाही*
वहीं लाइनमैन मनीष दुबे से बात करने पर उन्होंने बताया कि “गांव का एक विद्युत ट्रांसफार्मर बदल दिया गया है, लेकिन नल-जल योजना वाला ट्रांसफार्मर अभी नहीं बदला है। उसी ट्रांसफार्मर के बदलने से नल का काम शुरू हो जाएगा, जिससे पानी सप्लाई निर्बाध पुनः शुरू हो जाएगी।”

सवाल ये है कि जब एक ट्रांसफार्मर बदला जा सकता है तो नल-जल योजना का ट्रांसफार्मर एक महीने से क्यों नहीं बदला गया? क्या पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा MPEB की प्राथमिकता में नहीं है?
*ग्रामीणों का आरोप*
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद MPEB विजयराघवगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी ध्यान नहीं देते। नल-जल योजना ठप होने से पूरा गांव बूंद-बूंद पानी को तरस रहा है। 45 डिग्री तापमान में न बिजली, न पानी – महिलाओं को 2 किमी दूर हैंडपंप से पानी लाना पड़ रहा है।

*बच्चों की जिंदगी पर संकट*
बिजली न होने से न पंखे चल रहे, न कूलर। रात को मच्छरों के आतंक से बच्चे सो नहीं पा रहे। स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे में नल-जल का ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो MPEB कार्यालय विजयराघवगढ़ का घेराव किया जाएगा।




