शहीद प्रदीप ने देश पर जान दी, प्रशासन ने परिवार को सड़क पर ला दिया ..45 डिग्री तापमान में तप रहा परिवार, कलेक्टर के कमरे में चल रहा कूलर
"सवाल सिर्फ एक : क्या शहादत का यही सिला है?"*

शहीद प्रदीप पटेल के परिजनों का कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरना, प्रशासन मौन – पुतला दहन के बाद भी नहीं टूटी नींद
*कटनी, 3 जून 2026।* कांटी वारदाना कांड में नेता जन के पुतला दहन की आंच अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब शहीद प्रदीप पटेल का परिवार प्रशासनिक वादाखिलाफी के खिलाफ सड़कों पर उतर आया है। विगत दो दिनों से भीषण गर्मी में कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे परिजनों की सुध लेने वाला कोई नहीं। प्रशासन कान में रुई डाले बैठा है।

*घोषणाएं हुईं, अमल शून्य*
ओबीसी महासभा, कटनी द्वारा जारी पोस्टर में साफ आरोप लगाया गया है कि शहीद प्रदीप पटेल ने संगठन और समाज के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, लेकिन आज तक शहीद के परिवार और समाज से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए। “यह घोर अन्याय और वादा खिलाफी है, जिसे हम कतई स्वीकार नहीं करेंगे” – पोस्टर में लिखा है।
*जनप्रतिनिधि भी निशाने पर*
जिला प्रशासन की इस उदासीनता का खामियाजा अब जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ रहा है। शहीद के परिजन अब नेता जन की श्रद्धांजलि सभा करने को मजबूर हैं। जनता का सीधा सवाल है – जब शहीद के परिवार को न्याय नहीं मिलेगा तो सरकार फौज में अपने लाल भेजने वालों को हतोत्साहित नहीं कर रही?
*मुख्य मांगें:*
1. शहीद परिवार को तत्काल न्याय दिया जाए
2. शहादत के समय की गई सभी घोषणाओं पर अमल हो
3. शहीद की कुर्बानी का उचित सम्मान हो

*पुतला दहन से भी नहीं चेता प्रशासन*
कांटी वारदाना कांड में आक्रोशित जनता द्वारा पुतला दहन तक किया जा चुका है, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। 45 डिग्री तापमान में धरने पर बैठे बुजुर्ग परिजनों की हालत बिगड़ रही है, लेकिन मजाल है कि कोई जिम्मेदार अधिकारी सुध लेने पहुंचे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शहीदों के परिवारों के साथ ऐसा सलूक होगा तो देश की रक्षा के लिए सीमा पर जाने वाले नौजवानों का मनोबल टूटेगा। प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाकर की गई घोषणाओं पर अमल करना चाहिए, वरना यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।




