जबलपुर में सर्जिकल स्ट्राइक, कटनी में सन्नाटा: अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
कन्हवारा में मेडिकल स्टोर की आड़ में इलाज, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत बेअसर

जबलपुर में क्लीनिकों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, पर कटनी में प्रशासन मौन: ?
कटनी। पड़ोसी जिले जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 120 से अधिक संस्थानों के लाइसेंस निरस्त कर हड़कंप मचा दिया है। लेकिन इसके ठीक उलट कटनी जिले में स्थिति “सन्नाटे” वाली बनी हुई है। यहाँ का स्वास्थ्य विभाग न केवल अवैध संचालन पर आँखें मूंदे बैठा है, बल्कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) जैसी महत्वपूर्ण शिकायतों को भी सालों से ठंडे बस्ते में डाल रखा है।

कन्हवारा: मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा ‘इलाज का खेल’
ताजा मामला कटनी के कन्हवारा क्षेत्र का है, जहाँ ‘मित्रा क्लीनिक’ चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह संस्थान मूल रूप से एक मेडिकल स्टोर के रूप में पंजीकृत है, लेकिन इसकी आड़ में यहाँ धड़ल्ले से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बिना उचित डॉक्टरी डिग्री और मानकों के, लोगों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

सीएम हेल्पलाइन को ठेंगा दिखा रहे जिम्मेदार
हैरानी की बात यह है कि इस अवैध क्लीनिक के खिलाफ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई है, जो पिछले साल से लंबित पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई करना तो दूर, जांच की जहमत तक नहीं उठाई। प्रशासन की यह “मूकदर्शक” भूमिका विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
गाँव-गाँव में ‘झोलाछाप’ और अवैध मेडिकल स्टोर्स का जाल

कन्हवारा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं, जिन्हें अयोग्य व्यक्ति चला रहे हैं। नियमानुसार मेडिकल स्टोर पर एक पंजीकृत फार्मासिस्ट का होना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रखकर दवाइयां बेची जा रही हैं और परामर्श दिया जा रहा है।
जनता की मांग: जबलपुर जैसी सख्ती कटनी में क्यों नहीं?
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि जब जबलपुर प्रशासन जनस्वास्थ्य को लेकर इतना सख्त हो सकता है, तो कटनी का स्वास्थ्य विभाग शिकायतों के बावजूद मौन क्यों है? क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?
ग्रामीणों ने अब उच्चाधिकारियों और कलेक्टर से मांग की है कि कन्हवारा स्थित मित्रा क्लीनिक और क्षेत्र के अन्य संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स की तत्काल जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।




