बकेली शिव मंदिर में उपचार को लेकर सवाल-जवाब: ग्रामीणों ने बताई आस्था और परंपरा, स्वास्थ्य विभाग ने किया था निरीक्षण
"भोलेनाथ स्वयंभू, आस्था से ठीक होते मरीज" - बकेली शिव मंदिर में आयुर्वेदिक उपचार पर विवाद, सीएमएचओ से संपर्क नहीं हुआ

बकेली शिव मंदिर में आयुर्वेदिक उपचार की परंपरा, ग्रामीण बोले “भोलेनाथ स्वयंभू, आस्था से ठीक होते मरीज”
*विजयराघवगढ़/कटनी।* तहसील विजयराघवगढ़ के ग्राम सिंघनपुरा बकेली स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। वीडियो में मंदिर परिसर में मरीजों को उपचार दिए जाने और दुकान लगाकर उपचार किए जाने की बात कही गई थी। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच के लिए निरीक्षण किया था। “निडर आवाज” की टीम मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों और सरपंच ने बताया कि मंदिर में वर्षों से आस्था और आयुर्वेदिक परंपरा के तहत उपचार किया जाता है,।
सरपंच का पक्ष:
*वीडियो पुराना, विभाग ने किया निरीक्षण*
वायरल वीडियो में ग्राम पंचायत बकेली के सरपंच सरिता सिंह का बयान भी शामिल है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि यह वीडियो बहुत पुराना है। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वीडियो और खबरें वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बकेली शिव मंदिर परिसर पहुंचकर निरीक्षण किया था। विभाग ने वहां की स्थिति का जायजा लिया था।
*ग्रामीण “आस्था से ठीक होते मरीज”*
बकेली शिव मंदिर परिसर पहुंचने पर “निडर आवाज” की टीम से ग्राम पंचायत बकेली के सरपंच और दो अन्य ग्रामीणों ने विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में ईश्वरीय अनुकंपा से उपचार किया जाता है। यहां आयुर्वेदिक पद्धति अपनाई जाती है।
ग्रामीणों का कहना था, “भोलेनाथ स्वयंभू हैं। उन्होंने अनगिनत गंभीर मरीजों को ठीक किया है। आस्था के कारण ही लोग दूर-दूर से यहां आते हैं और ठीक होकर अपने घर जाते हैं। यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है।
*जनहानि का आरोप खारिज
जब टीम ने ग्रामीणों से पूछा कि उपचार के दौरान किसी मरीज की मृत्यु या जनहानि तो नहीं हुई, तो सरपंच सहित सभी ग्रामीणों ने एक स्वर में “नहीं” कहा। ग्रामीणों ने बताया कि यहां कोई जबरदस्ती नहीं लाता, जो श्रद्धा और विश्वास से आते हैं वे लाभ लेकर जाते हैं।
*प्रशासनिक पक्ष: विभाग ने जांच की, सीएमएचओ से संपर्क नहीं हुआ*
सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया था और बकेली शिव मंदिर परिसर में निरीक्षण किया था। विभाग द्वारा की गई जांच और उसके निष्कर्षों की जानकारी लेने के लिए “निडर आवाज” की टीम ने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह से उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, किंतु उनका फोन अटेंड नहीं हुआ। डॉ. राज सिंह का आधिकारिक पक्ष या जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

*कानूनी/आयुर्वेदिक पहलू*
आयुर्वेदिक उपचार की वैधता और नियमों की जानकारी आयुष विभाग के पास होती है। बिना पंजीकृत चिकित्सक द्वारा उपचार, दवाओं की बिक्री आदि पर आयुष/स्वास्थ्य विभाग के नियम लागू होते हैं। मामले में विभागीय जांच की स्थिति स्पष्ट होने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
*नोट/डिस्क्लेमर*
1. यह खबर मौके पर उपस्थित ग्राम पंचायत बकेली के सरपंच और ग्रामीणों के बयानों, वायरल वीडियो और स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण की जानकारी पर आधारित है।
2. ग्रामीणों द्वारा बताया गया वीडियो पुराना है और उन द्वारा “जनहानि नहीं” होने की बात कही गई है।
3. “भोलेनाथ स्वयंभू, आस्था से ठीक होने” संबंधी बातें ग्रामीणों की आस्था और मान्यता को दर्शाती हैं।
4. आयुर्वेदिक उपचार की वैज्ञानिकता, प्रभावशीलता और वैधानिकता की पुष्टि संबंधित विभाग/विशेषज्ञों द्वारा ही की जा सकती है।
5. “निडर आवाज” किसी उपचार पद्धति का समर्थन या विरोध नहीं करता। समाचार का उद्देश्य केवल दोनों पक्षों को पाठकों के समक्ष रखना है।




