कन्हवारा का बंगाली फिर एक्टिव: 7 दिन का बंद खत्म, इलाज शुरू,10 महीने बाद दिखावा, अब फिर वही खेल: CM हेल्पलाइन 39749445 पर दूसरी शिकायत
"मित्रा" पर कार्रवाई शून्य, सिर्फ दुकान को सजा: जनता पूछे क्यों?

10 महीने बाद हुई थी दिखावे की कार्रवाई, अब फिर वही खेल: ग्रामीणों ने दी सीएमएचओ कार्यालय घेराव की चेतावनी
कटनी: _निडर आवाज_ के खुलासे के बाद कन्हवारा के “बंगाली डॉक्टर” मामले में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका संदिग्ध हो गई है। कुछ दिन पहले ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में छापामार कार्रवाई हुई थी, लेकिन *कार्रवाई सिर्फ मेडिकल स्टोर पर हुई, डॉक्टर पर नहीं।
क्या हुआ था छापे में?
स्वास्थ्य विभाग ने खुद प्रेस विज्ञप्ति जारी कर माना था कि *मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट उपस्थित नहीं था* और *प्रवीण मित्रा “डॉक्टर” बनकर बैठा था*। बावजूद इसके विभाग ने सिर्फ *मेडिकल को 7 दिन के लिए बंद* किया।
बड़ा सवाल: बंगाली डॉक्टर पर एक भी कार्रवाई क्यों नहीं?
फिर शुरू हुआ वही खेल
सूत्र बताते है कि विभाग की इसी उदासीनता का फायदा उठाकर मित्रा फिर से उसी मेडिकल स्टोर पर इलाज करने लगा है। इंजेक्शन और बिना पर्ची दवा का धंधा दोबारा शुरू।
इसी को लेकर आवेदक ने दोबारा *CM हेल्पलाइन पर शिकायत क्रमांक 39749445* दर्ज कराई है। गौरतलब है कि *पहले भी CM हेल्पलाइन शिकायत के 10 महीने बाद* प्रशासन ने सिर्फ दिखावे की कार्रवाई की थी।
ग्रामीणों में आक्रोश, घेराव की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि *अगर CMHO कटनी ने 7 दिन में कार्रवाई नहीं की तो सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
लोगों का आरोप है कि *जानबूझकर डॉक्टर को बचाकर सिर्फ मेडिकल को टारगेट किया गया ताकि धंधा बंद न हो।
स्वास्थ्य विभाग कटघरे में
1. प्रेस विज्ञप्ति में स्वीकारा – फार्मासिस्ट नहीं, डॉक्टर अवैध रूप से बैठा
2. कार्रवाई सिर्फ 7 दिन – डॉक्टर पर FIR, लाइसेंस रद्द कुछ नहीं
3. 10 महीने बाद कार्रवाई – पहली शिकायत पर भी यही लेटलतीफी
जनता पूछ रही है: क्या स्वास्थ्य विभाग और बंगाली डॉक्टर के बीच कोई “सेटिंग” है?




